📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Christopher Michel
शिक्षा
ऑडिट में उजागर: राजस्थान के 611 स्कूलों में कोई इमारत नहीं
✍️ livemint.com
🗓 22 अग. 2026, 03:37 PM
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सरकारी ऑडिट ने बताया कि राजस्थान के 611 स्कूलों में अभी तक कोई स्थायी इमारत नहीं है, जिसे CJI के ‘School Thik Karo’ अभियान के दौरान उजागर किया गया।
मुख्य न्यायाधीश (CJI) के ‘School Thik Karo’ अभियान ने राजस्थान में स्कूल इन्फ्रास्ट्रक्चर की गंभीर कमी को उजागर किया है। राज्य सरकार द्वारा किए गए ऑडिट में पता चला कि 611 स्कूलों में अभी तक कोई स्थायी इमारत नहीं है।
राष्ट्रपति शिक्षा विभाग द्वारा किए गए इस सर्वेक्षण में बताया गया कि इन स्कूलों में अस्थायी शेड, खुले‑आम कक्ष या त्वरित ढांचे का उपयोग किया जा रहा है। छात्र‑शिक्षक अनुपात या नामांकन के आंकड़े भी इस रिपोर्ट में शामिल हैं, जिससे समस्या का पैमाना स्पष्ट होता है।
राज्य के अधिकारियों ने इस तथ्य को स्वीकार किया और कहा कि प्रभावित स्कूलों के लिए बुनियादी कक्ष और स्वच्छता सुविधाएँ बनाने के लिए मौजूदा योजना के फंड को पुनः आवंटित किया जाएगा।
शिक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि उचित इमारतों की कमी से पढ़ाई के परिणामों पर असर पड़ेगा और विशेषकर लड़कियों की उपस्थिति घट सकती है। उन्होंने सरकार से शीघ्र निर्माण और नियमित ऑडिट के माध्यम से निगरानी करने का आग्रह किया।
यह ऑडिट ‘School Thik Karo’ अभियान के तहत नागरिक समाज, NGOs और न्यायपालिका को स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए दबाव बनाने के उद्देश्य से जारी किया गया है।
राष्ट्रपति शिक्षा विभाग द्वारा किए गए इस सर्वेक्षण में बताया गया कि इन स्कूलों में अस्थायी शेड, खुले‑आम कक्ष या त्वरित ढांचे का उपयोग किया जा रहा है। छात्र‑शिक्षक अनुपात या नामांकन के आंकड़े भी इस रिपोर्ट में शामिल हैं, जिससे समस्या का पैमाना स्पष्ट होता है।
राज्य के अधिकारियों ने इस तथ्य को स्वीकार किया और कहा कि प्रभावित स्कूलों के लिए बुनियादी कक्ष और स्वच्छता सुविधाएँ बनाने के लिए मौजूदा योजना के फंड को पुनः आवंटित किया जाएगा।
शिक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि उचित इमारतों की कमी से पढ़ाई के परिणामों पर असर पड़ेगा और विशेषकर लड़कियों की उपस्थिति घट सकती है। उन्होंने सरकार से शीघ्र निर्माण और नियमित ऑडिट के माध्यम से निगरानी करने का आग्रह किया।
यह ऑडिट ‘School Thik Karo’ अभियान के तहत नागरिक समाज, NGOs और न्यायपालिका को स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए दबाव बनाने के उद्देश्य से जारी किया गया है।