📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Rural Development
नौकरी
जम्मू-कश्मीर में 20% एमजीएनआरईजीए जॉब कार्ड अनवेरिफ़ाइड, ऑडिट ने चेतावनी दी
✍️ Kashmir Life
🗓 08 अक्टू. 2026, 01:17 PM
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जम्मू-कश्मीर में एमजीएनआरईजीए डेटाबेस के ऑडिट से पता चला कि जारी किए गए जॉब कार्डों में से 20% का सत्यापन नहीं हुआ, जिससे डेटा की विश्वसनीयता पर सवाल उठे।
जम्मू-कश्मीर में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (एमजीएनआरईजीए) के डेटाबेस पर हालिया ऑडिट से पता चला कि इस योजना के तहत जारी किए गए जॉब कार्डों में से 20 प्रतिशत का सत्यापन अभी तक नहीं हुआ है। राज्य के ऑडिट विभाग ने इस अंतर को डेटा गुणवत्ता की बड़ी समस्या के रूप में चिन्हित किया है।
असत्यापित जॉब कार्ड वेतन के सही वितरण में बाधा डाल सकते हैं और कार्य आवंटन की निगरानी को कठिन बना सकते हैं, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय पर असर पड़ सकता है जो एमजीएनआरईजीए पर निर्भर हैं। यह तथ्य क्षेत्र में डिजिटल रिकॉर्ड‑कीपिंग की मजबूती पर भी सवाल उठाता है।
राज्य अधिकारियों को सभी बकाया कार्डों की व्यापक सत्यापन प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया है, जिसमें फील्ड रिकॉर्ड और लाभार्थी की गवाही के साथ मिलान किया जाएगा। ऑडिट रिपोर्ट में डेटाबेस प्रबंधन प्रणाली को उन्नत करने और ऑन‑ग्राउंड सत्यापन तंत्र को सुदृढ़ करने की सिफारिश की गई है।
यह खुलासा केंद्रीय सरकार द्वारा प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता और दक्षता पर बल देने के समय आया है, जिसमें सभी पात्र श्रमिकों को समय पर लाभ पहुँचाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया गया है।
असत्यापित जॉब कार्ड वेतन के सही वितरण में बाधा डाल सकते हैं और कार्य आवंटन की निगरानी को कठिन बना सकते हैं, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय पर असर पड़ सकता है जो एमजीएनआरईजीए पर निर्भर हैं। यह तथ्य क्षेत्र में डिजिटल रिकॉर्ड‑कीपिंग की मजबूती पर भी सवाल उठाता है।
राज्य अधिकारियों को सभी बकाया कार्डों की व्यापक सत्यापन प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया है, जिसमें फील्ड रिकॉर्ड और लाभार्थी की गवाही के साथ मिलान किया जाएगा। ऑडिट रिपोर्ट में डेटाबेस प्रबंधन प्रणाली को उन्नत करने और ऑन‑ग्राउंड सत्यापन तंत्र को सुदृढ़ करने की सिफारिश की गई है।
यह खुलासा केंद्रीय सरकार द्वारा प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता और दक्षता पर बल देने के समय आया है, जिसमें सभी पात्र श्रमिकों को समय पर लाभ पहुँचाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया गया है।