📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / ᱤᱧ ᱢᱟᱛᱟᱞ
शिक्षा
असिस्टेंट प्रोफेसर अभ्यर्थियों ने लोकभवन में मार्च, सरकार से तेज़ी से कार्रवाई की माँग
✍️ Amar Ujala · Patna
🗓 22 अग. 2026, 11:48 AM
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असिस्टेंट प्रोफेसर अभ्यर्थियों ने पटना के लोकभवन में सरकार से भर्ती तेज़ करने और उनके भविष्य को प्रभावित करने वाले विलंब को रोकने की मांग की।
इस सप्ताह की शुरुआत में असिस्टेंट प्रोफेसर अभ्यर्थियों का एक बड़ा समूह बिहार के पटना में स्थित लोकभवन के सामने इकट्ठा हुआ, जहाँ उन्होंने राज्य सरकार से भर्ती प्रक्रिया में ठोस कदम उठाने की मांग की। कई उम्मीदवारों ने प्रारम्भिक परीक्षा पास कर ली है और उन्होंने पर्चे लेकर सरकार के विरुद्ध तेज़ी से कार्रवाई का नारा लगाया।
प्रदर्शकों का कहना है कि लोकभवन में सरकार ने कई बार आश्वासन दिया है, पर अब तक कोई वास्तविक कदम नहीं उठाया गया है। वे चेतावनी दे रहे हैं कि इस तरह की देरी उनके पेशेवर भविष्य और राज्य के उच्च शिक्षा संस्थानों की गुणवत्ता को नुकसान पहुँचा रही है।
आयोजकों ने कहा कि वे विशेष लाभ नहीं, बल्कि मौजूदा वादों के कार्यान्वयन की मांग कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से पारदर्शी चयन प्रक्रिया को बिना किसी और टालमटोल के शुरू करने का आग्रह किया, यह जताते हुए कि युवाओं के भविष्य को खेल की वस्तु नहीं बनाया जा सकता।
अब तक राज्य अधिकारियों ने कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, पर यह मार्च बिहार के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर पदों के लिए योग्य उम्मीदवारों की बढ़ती निराशा को उजागर करता है।
प्रदर्शकों का कहना है कि लोकभवन में सरकार ने कई बार आश्वासन दिया है, पर अब तक कोई वास्तविक कदम नहीं उठाया गया है। वे चेतावनी दे रहे हैं कि इस तरह की देरी उनके पेशेवर भविष्य और राज्य के उच्च शिक्षा संस्थानों की गुणवत्ता को नुकसान पहुँचा रही है।
आयोजकों ने कहा कि वे विशेष लाभ नहीं, बल्कि मौजूदा वादों के कार्यान्वयन की मांग कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से पारदर्शी चयन प्रक्रिया को बिना किसी और टालमटोल के शुरू करने का आग्रह किया, यह जताते हुए कि युवाओं के भविष्य को खेल की वस्तु नहीं बनाया जा सकता।
अब तक राज्य अधिकारियों ने कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, पर यह मार्च बिहार के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर पदों के लिए योग्य उम्मीदवारों की बढ़ती निराशा को उजागर करता है।