📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / anonymous
धर्म
असम की ‘दुर्गा’ हाथी को मदुरै मंदिर में भेजा, वन्यजीव समूह ने जताई चिंता
✍️ indiatodayne.in
🗓 15 सित. 2026, 04:36 AM
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असम की दुर्गा नाम की हाथी को मदुरै के एक मंदिर में भेजा गया, जिससे एक वन्यजीव समूह ने उसकी भलाई को लेकर चिंता जताई।
असम के वन विभाग ने दुर्गा नाम की एक बड़ी मादी हाथी को तमिलनाडु के मदुरै स्थित मीनाक्षी अम्मन मंदिर में भेजा है। अधिकारियों ने बताया कि यह कदम सांस्कृतिक आदान‑प्रदान कार्यक्रम के तहत किया गया है, जिससे भक्तों में वन्यजीव जागरूकता बढ़ेगी।
वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया (WTI) ने इस कदम पर आपत्ति जताते हुए कहा कि मंदिर का माहौल हाथी जैसी बड़ी वन्यजीव के लिए उपयुक्त नहीं है। समूह ने स्थान की कमी, भीड़ से तनाव और मानव‑हाथी टकराव की संभावना को प्रमुख जोखिम बताया।
मंदिर प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि हाथी के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया घेरा बनाया जाएगा, जिसमें पशु चिकित्सकीय मानक पूरे होंगे और नियमित स्वास्थ्य जांच होगी। उन्होंने कहा कि दुर्गा को धार्मिक अनुष्ठानों के बजाय शैक्षिक प्रदर्शन में इस्तेमाल किया जाएगा।
संरक्षण विशेषज्ञ इस स्थिति को निकटता से देख रहे हैं और सरकार से हाथी की प्राकृतिक आवासीय जरूरतों को प्राथमिकता देने का आग्रह कर रहे हैं। यह विवाद भारत में सांस्कृतिक परम्पराओं और वन्यजीव संरक्षण के बीच संतुलन बनाने की चुनौती को उजागर करता है।
दुर्गा के नए आवास में स्थानांतरण अगले सप्ताह के भीतर पूरा होने की उम्मीद है, जिसके बाद वह वन्यजीव विशेषज्ञों की देखरेख में अपने नए वातावरण से परिचित होगी।
वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया (WTI) ने इस कदम पर आपत्ति जताते हुए कहा कि मंदिर का माहौल हाथी जैसी बड़ी वन्यजीव के लिए उपयुक्त नहीं है। समूह ने स्थान की कमी, भीड़ से तनाव और मानव‑हाथी टकराव की संभावना को प्रमुख जोखिम बताया।
मंदिर प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि हाथी के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया घेरा बनाया जाएगा, जिसमें पशु चिकित्सकीय मानक पूरे होंगे और नियमित स्वास्थ्य जांच होगी। उन्होंने कहा कि दुर्गा को धार्मिक अनुष्ठानों के बजाय शैक्षिक प्रदर्शन में इस्तेमाल किया जाएगा।
संरक्षण विशेषज्ञ इस स्थिति को निकटता से देख रहे हैं और सरकार से हाथी की प्राकृतिक आवासीय जरूरतों को प्राथमिकता देने का आग्रह कर रहे हैं। यह विवाद भारत में सांस्कृतिक परम्पराओं और वन्यजीव संरक्षण के बीच संतुलन बनाने की चुनौती को उजागर करता है।
दुर्गा के नए आवास में स्थानांतरण अगले सप्ताह के भीतर पूरा होने की उम्मीद है, जिसके बाद वह वन्यजीव विशेषज्ञों की देखरेख में अपने नए वातावरण से परिचित होगी।