📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Joydeep Chakraborty
स्थानीय
असम में गाँव वालों को नदी कटाव और हाथी संकट
✍️ hubnetwork.in
🗓 05 अक्टू. 2026, 09:36 AM
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असम के एक गाँव में रहने वाले लोग नदी कटाव और हाथी के लगातार प्रवेश दोनों से जूझ रहे हैं, जिससे उनके घर और आजीविका को खतरा है।
असम के एक निचले इलाके के गाँव में रहने वाले लोग दो प्रमुख पर्यावरणीय समस्याओं से जूझ रहे हैं। मौसमी बाढ़ ने नदी के किनारे कटाव को तेज़ कर दिया है, जिससे खेती की जमीन और घरों की नींव कमजोर हो गई है।
साथ ही, पास के वन क्षेत्रों से हाथी गांव के खेतों में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे फसलों को नुकसान और कभी‑कभी मानव‑हाथी टकराव हो रहा है। यह स्थिति ग्रामीणों में चिंता बढ़ा रही है।
स्थानीय प्रशासन ने वन विभाग के साथ मिलकर अस्थायी बाधाएं और चेतावनी प्रणाली स्थापित करने की योजना बनाई है। लेकिन सीमित संसाधनों और समस्याओं की व्यापकता के कारण लोग अभी भी भूमि क्षरण और वन्यजीव संघर्ष दोनों के खतरे में हैं।
समुदाय के नेताओं ने राज्य एजेंसियों से कटाव नियंत्रण और मानव‑हाथी सह-अस्तित्व के लिए व्यापक उपायों को प्राथमिकता देने की अपील की है, ताकि गाँव का भविष्य सुरक्षित रह सके।
साथ ही, पास के वन क्षेत्रों से हाथी गांव के खेतों में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे फसलों को नुकसान और कभी‑कभी मानव‑हाथी टकराव हो रहा है। यह स्थिति ग्रामीणों में चिंता बढ़ा रही है।
स्थानीय प्रशासन ने वन विभाग के साथ मिलकर अस्थायी बाधाएं और चेतावनी प्रणाली स्थापित करने की योजना बनाई है। लेकिन सीमित संसाधनों और समस्याओं की व्यापकता के कारण लोग अभी भी भूमि क्षरण और वन्यजीव संघर्ष दोनों के खतरे में हैं।
समुदाय के नेताओं ने राज्य एजेंसियों से कटाव नियंत्रण और मानव‑हाथी सह-अस्तित्व के लिए व्यापक उपायों को प्राथमिकता देने की अपील की है, ताकि गाँव का भविष्य सुरक्षित रह सके।