📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Post of India
सरकारी योजना
आसाम राइफल्स ने त्रिपुरा के जनजातीय गांवों में सिलाई मशीनें बाँटकर आजीविका सुदृढ़ की
✍️ Tripuratimes
🗓 09 अक्टू. 2026, 04:37 AM
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आसाम राइफल्स ने त्रिपुरा के जनजातीय समुदायों को सिलाई मशीनें बाँट कर आय के अवसर बढ़ाने और आत्मनिर्भरता सुदृढ़ करने का लक्ष्य रखा है।
आसाम राइफल्स के अधिकारियों ने हाल ही में त्रिपुरा के कई जनजातीय गांवों का दौरा किया और स्थानीय महिलाओं व युवाओं को सिलाई मशीनें बाँट दीं। यह पहल राज्य में हाशिये पर रहने वाले समुदायों के लिए सतत आजीविका विकल्प बनाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
मशीनों के साथ मूल मरम्मत किट भी दी गई हैं, जिससे ग्रामीण लोग कपड़े और सहायक वस्त्र स्थानीय बाजार में बना कर बेच सकें। अधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम के तहत मशीन रखरखाव और बुनियादी सिलाई कौशल पर प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।
स्थानीय नेताओं ने इस कदम का स्वागत किया, यह कहते हुए कि सिलाई से बढ़ी आय ग्रामीणों को शहरी क्षेत्रों की ओर पलायन से रोक सकती है। कार्यक्रम को क्षेत्रीय मीडिया ने कवर किया और इसे ग्रामीण विकास का मॉडल बताया।
आसाम राइफल्स अगले वर्ष में कार्यक्रम के प्रभाव की निगरानी करेगा और यदि सफल रहा तो इसे अन्य जिलों तक विस्तारित करने की योजना बना रहा है।
मशीनों के साथ मूल मरम्मत किट भी दी गई हैं, जिससे ग्रामीण लोग कपड़े और सहायक वस्त्र स्थानीय बाजार में बना कर बेच सकें। अधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम के तहत मशीन रखरखाव और बुनियादी सिलाई कौशल पर प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।
स्थानीय नेताओं ने इस कदम का स्वागत किया, यह कहते हुए कि सिलाई से बढ़ी आय ग्रामीणों को शहरी क्षेत्रों की ओर पलायन से रोक सकती है। कार्यक्रम को क्षेत्रीय मीडिया ने कवर किया और इसे ग्रामीण विकास का मॉडल बताया।
आसाम राइफल्स अगले वर्ष में कार्यक्रम के प्रभाव की निगरानी करेगा और यदि सफल रहा तो इसे अन्य जिलों तक विस्तारित करने की योजना बना रहा है।