📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Survey of India
सरकारी योजना
असम ने चार‑तरफ़ा कचरा अलगाव, सीबीजी प्लांट और डंप सुधार नियम जारी किए
✍️ hubnetwork.in
🗓 28 सित. 2026, 08:33 PM
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असम सरकार ने चार‑तरफ़ा कचरा अलगाव, सीबीजी प्लांट की स्थापना और मौजूदा डंपों के सुधार के लिए नए नियम जारी किए हैं।
असम के पर्यावरण विभाग ने राज्य की ठोस‑कचरा प्रबंधन प्रणाली को सुधारने के लिए विस्तृत नियम जारी किए हैं। इन नियमों के तहत कचरे को स्रोत पर ही चार श्रेणियों – जैविक, पुनर्चक्रण योग्य, खतरनाक और निष्क्रिय – में विभाजित करना अनिवार्य किया गया है, जिससे प्रसंस्करण आसान होगा और लैंडफिल पर दबाव कम होगा।
नए ढाँचे में संपीड़ित बायोगैस (सीबीजी) प्लांटों की स्थापना को भी प्रोत्साहित किया गया है, जिससे जैविक कचरे को नवीकरणीय ऊर्जा में बदला जा सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम मीथेन उत्सर्जन को घटाते हुए स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में योगदान देगा।
डंप सुधार के लिए भी स्पष्ट दिशा‑निर्देश दिए गए हैं; मौजूदा लैंडफिलों को ढकना, लिचेट उपचार और हरियाली लगाना जैसी उपायों से पर्यावरणीय जोखिम कम किया जाएगा और बंजर भूमि को पुनर्स्थापित किया जाएगा।
राज्य के प्रतिनिधियों ने बताया कि यह नीति राष्ट्रीय कचरा‑से‑संसाधन लक्ष्य के अनुरूप है और सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार, हरित रोजगार सृजन और अन्य भारतीय राज्यों के लिए मॉडल स्थापित करने की आशा रखती है।
नए ढाँचे में संपीड़ित बायोगैस (सीबीजी) प्लांटों की स्थापना को भी प्रोत्साहित किया गया है, जिससे जैविक कचरे को नवीकरणीय ऊर्जा में बदला जा सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम मीथेन उत्सर्जन को घटाते हुए स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में योगदान देगा।
डंप सुधार के लिए भी स्पष्ट दिशा‑निर्देश दिए गए हैं; मौजूदा लैंडफिलों को ढकना, लिचेट उपचार और हरियाली लगाना जैसी उपायों से पर्यावरणीय जोखिम कम किया जाएगा और बंजर भूमि को पुनर्स्थापित किया जाएगा।
राज्य के प्रतिनिधियों ने बताया कि यह नीति राष्ट्रीय कचरा‑से‑संसाधन लक्ष्य के अनुरूप है और सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार, हरित रोजगार सृजन और अन्य भारतीय राज्यों के लिए मॉडल स्थापित करने की आशा रखती है।