📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
मौसम
सिवासागर, चरायडो ने नागालैंड में भारी बारिश की चेतावनी पर जारी किया सलाहकार नोटिस
✍️ The Times of India
🗓 31 अग. 2026, 09:33 AM
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असम के सिवासागर और चरायडो जिलों ने नागालैंड में भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह जारी की है।
असम के सिवासागर और चरायडो जिलों ने पड़ोसी राज्य नागालैंड में भारी बारिश की चेतावनी मिलने के बाद आधिकारिक सलाह जारी की है। इस नोटिस में दोनों जिलों के निवासियों को सतर्क रहने और मौसम संबंधी अपडेट को लगातार देखे रहने की अपील की गई है।
प्राधिकरणों ने बताया कि नागालैंड को प्रभावित करने वाला मौसमी बवंडर सीमा क्षेत्रों में तेज़ बारिश और बाढ़ का कारण बन सकता है। जबकि अभी असम में तत्काल खतरे की भविष्यवाणी नहीं की गई है, नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने घरों में ढीले सामान को सुरक्षित रखें, निचले इलाकों में यात्रा से बचें और स्थानीय मीडिया से जानकारी लेते रहें।
जिला कलेक्टरों ने नागालैंड मौसम विभाग के साथ मिलकर इस प्रणाली की प्रगति पर नजर रखी है। आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों को तैयार रखने और स्कूलों व सार्वजनिक संस्थानों को संभावित व्यवधानों के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।
निवासियों से अनुरोध है कि किसी भी असामान्य जल जमाव की सूचना जिला आपदा प्रबंधन सेल को दें और यदि परिस्थितियां बिगड़ें तो पुलिस व आपदा अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें।
यह सलाह मौसमी बाढ़ जोखिम को कम करने के लिए पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में चल रहे समन्वित प्रयासों का हिस्सा है।
प्राधिकरणों ने बताया कि नागालैंड को प्रभावित करने वाला मौसमी बवंडर सीमा क्षेत्रों में तेज़ बारिश और बाढ़ का कारण बन सकता है। जबकि अभी असम में तत्काल खतरे की भविष्यवाणी नहीं की गई है, नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने घरों में ढीले सामान को सुरक्षित रखें, निचले इलाकों में यात्रा से बचें और स्थानीय मीडिया से जानकारी लेते रहें।
जिला कलेक्टरों ने नागालैंड मौसम विभाग के साथ मिलकर इस प्रणाली की प्रगति पर नजर रखी है। आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों को तैयार रखने और स्कूलों व सार्वजनिक संस्थानों को संभावित व्यवधानों के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।
निवासियों से अनुरोध है कि किसी भी असामान्य जल जमाव की सूचना जिला आपदा प्रबंधन सेल को दें और यदि परिस्थितियां बिगड़ें तो पुलिस व आपदा अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें।
यह सलाह मौसमी बाढ़ जोखिम को कम करने के लिए पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में चल रहे समन्वित प्रयासों का हिस्सा है।