📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ishanjyotibora
राजनीति
असम के सीएम ने कहा, राज्य नहीं है ‘अवैध प्रवासियों का प्रजनन स्थल’, 23 को भेजा वापस
✍️ Northeast Today
🗓 31 अक्टू. 2026, 04:06 AM
👁 16
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि असम अवैध प्रवासियों का प्रजनन स्थल नहीं है, जब अधिकारियों ने 23 अवैध प्रवासियों को वापस भेजा।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने हाल ही में असम को अवैध प्रवासियों का केंद्र मानने वाले अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि राज्य ऐसा कोई "प्रजनन स्थल" नहीं है। उनका यह बयान तब आया जब राज्य के प्रवासन विभाग ने बीस‑तीन व्यक्तियों को, जिन्हें अवैध रूप से असम में प्रवेश किया माना गया, वापस उनके मूल स्थानों पर भेजा।
प्रवासन निदेशालय ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से इन व्यक्तियों की दस्तावेज़ी जांच की और सीमा पर उनका सुरक्षित वापसी सुनिश्चित किया। अधिकारियों ने बताया कि यह प्रक्रिया मौजूदा कानूनी प्रोटोकॉल के तहत पूरी की गई और कोई असामान्य घटना नहीं हुई।
सरमा ने कहा कि सरकार असम की सीमाओं की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहती है और निगरानी व सत्यापन तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने जनता से कहा कि अफवाहों के बजाय तथ्यात्मक जानकारी पर भरोसा किया जाए, क्योंकि यह कार्रवाई कानून के शासन के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में भी ऐसे ही जाँचें जारी रहेंगी, जिससे अवैध प्रवासियों की पहचान कर उन्हें समय पर कार्रवाई में लाया जा सके, और असम की राष्ट्रीय सुरक्षा तथा जनसंख्या संतुलन की रक्षा की जा सके।
प्रवासन निदेशालय ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से इन व्यक्तियों की दस्तावेज़ी जांच की और सीमा पर उनका सुरक्षित वापसी सुनिश्चित किया। अधिकारियों ने बताया कि यह प्रक्रिया मौजूदा कानूनी प्रोटोकॉल के तहत पूरी की गई और कोई असामान्य घटना नहीं हुई।
सरमा ने कहा कि सरकार असम की सीमाओं की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहती है और निगरानी व सत्यापन तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने जनता से कहा कि अफवाहों के बजाय तथ्यात्मक जानकारी पर भरोसा किया जाए, क्योंकि यह कार्रवाई कानून के शासन के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में भी ऐसे ही जाँचें जारी रहेंगी, जिससे अवैध प्रवासियों की पहचान कर उन्हें समय पर कार्रवाई में लाया जा सके, और असम की राष्ट्रीय सुरक्षा तथा जनसंख्या संतुलन की रक्षा की जा सके।