📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
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असम ने ‘विकसित असम 2047’ के लिए 50,000 करोड़ रुपये निवेश योजना की घोषणा की
✍️ economictimes.com
🗓 16 सित. 2026, 07:46 AM
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असम सरकार ने ‘विकसित असम 2047’ लक्ष्य के तहत 50,000 करोड़ रुपये के निवेश कार्यक्रम की घोषणा की है।
गुवाहाटी, 16 सितंबर 2026 – असम सरकार ने 5 हजार करोड़ रुपये के कुल निवेश के साथ एक व्यापक विकास योजना का खुलासा किया, जिसमें बुनियादी ढाँचा, उद्योग, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। यह योजना ‘विकसित असम 2047’ के दीर्घकालिक लक्ष्य का वित्तीय आधार बनाती है, जिसका उद्देश्य भारत की स्वतंत्रता की शताब्दी तक आर्थिक विकास और मानव विकास को नई ऊँचाइयों पर ले जाना है।
वित्त पोषण राज्य के बजट, सार्वजनिक‑निजी भागीदारी और केंद्र सरकार के अनुदानों के मिश्रण से किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि इस योजना में सड़कों, रेलमार्गों, नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं, कौशल विकास केंद्रों और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
विस्तृत परियोजना सूची अभी जारी नहीं हुई है, पर सरकार ने कहा कि निवेश को अगले दो दशकों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, और 2047 के लक्ष्यों के साथ तालमेल सुनिश्चित करने के लिए नियमित समीक्षा की जाएगी। यह घोषणा राष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने और असमानताओं को कम करने के व्यापक प्रयासों के साथ मेल खाती है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि इस बड़े पैमाने के निवेश को सही ढंग से लागू किया गया, तो असम उत्तर‑पूर्व में विकास का इंजन बन सकता है, जिससे निजी पूँजी को आकर्षित करने और पड़ोसी देशों के साथ कनेक्टिविटी बढ़ाने में मदद मिलेगी।
वित्त पोषण राज्य के बजट, सार्वजनिक‑निजी भागीदारी और केंद्र सरकार के अनुदानों के मिश्रण से किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि इस योजना में सड़कों, रेलमार्गों, नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं, कौशल विकास केंद्रों और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
विस्तृत परियोजना सूची अभी जारी नहीं हुई है, पर सरकार ने कहा कि निवेश को अगले दो दशकों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, और 2047 के लक्ष्यों के साथ तालमेल सुनिश्चित करने के लिए नियमित समीक्षा की जाएगी। यह घोषणा राष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने और असमानताओं को कम करने के व्यापक प्रयासों के साथ मेल खाती है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि इस बड़े पैमाने के निवेश को सही ढंग से लागू किया गया, तो असम उत्तर‑पूर्व में विकास का इंजन बन सकता है, जिससे निजी पूँजी को आकर्षित करने और पड़ोसी देशों के साथ कनेक्टिविटी बढ़ाने में मदद मिलेगी।