📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Fotokannan
धर्म
अरुणाचल प्रदेश में ओणम का जश्न, प्रेमभरा माहौल
✍️ The New Indian Express
🗓 01 सित. 2026, 08:37 PM
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अरुणाचल प्रदेश में ओणम के अवसर पर स्थानीय लोगों ने परंपरागत रिवाज़ों के साथ उत्सव मनाया, प्रेमपूर्ण माहौल बिखराया।
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने बताया कि अरुणाचल प्रदेश ने ओणम, जो कि केरल का पारम्परिक फसल उत्सव है, बड़े उत्साह के साथ मनाया। राज्य भर के लोग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर, पारम्परिक व्यंजन तैयार कर और फूलों की सजावट (पूकालम) लगाकर इस अवसर को सम्मानित किया।
ओणम मूलतः केरल से जुड़ा है, परन्तु इस उत्सव को अरुणाचल प्रदेश में मनाना भारत की विविध सांस्कृतिक परस्परता को दर्शाता है। स्थानीय समुदायों ने समृद्धि और एकता के संदेश को अपनाते हुए, अपने पड़ोसियों को भी इस उत्सव में शामिल किया।
उत्सव के दौरान पूकालम सजाए गए, और अवियल, पायसम जैसे पारम्परिक व्यंजन स्वयंसेवकों द्वारा तैयार कर सभी को परोसे गए। आयोजकों ने कहा कि यह प्रेमभरा जश्न सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देता है।
प्राधिकरणों ने बताया कि कार्यक्रम सुचारू रूप से चले और जनता ने इस पहल को सराहा, जिससे विभिन्न क्षेत्रों के बीच सांस्कृतिक आदान‑प्रदान को प्रोत्साहन मिला।
कुल मिलाकर, अरुणाचल प्रदेश में ओणम का जश्न यह दर्शाता है कि एक क्षेत्रीय त्यौहार भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनाया जा सकता है, जिससे विभिन्न समुदायों में आपसी सम्मान और सांस्कृतिक समझ बढ़ती है।
ओणम मूलतः केरल से जुड़ा है, परन्तु इस उत्सव को अरुणाचल प्रदेश में मनाना भारत की विविध सांस्कृतिक परस्परता को दर्शाता है। स्थानीय समुदायों ने समृद्धि और एकता के संदेश को अपनाते हुए, अपने पड़ोसियों को भी इस उत्सव में शामिल किया।
उत्सव के दौरान पूकालम सजाए गए, और अवियल, पायसम जैसे पारम्परिक व्यंजन स्वयंसेवकों द्वारा तैयार कर सभी को परोसे गए। आयोजकों ने कहा कि यह प्रेमभरा जश्न सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देता है।
प्राधिकरणों ने बताया कि कार्यक्रम सुचारू रूप से चले और जनता ने इस पहल को सराहा, जिससे विभिन्न क्षेत्रों के बीच सांस्कृतिक आदान‑प्रदान को प्रोत्साहन मिला।
कुल मिलाकर, अरुणाचल प्रदेश में ओणम का जश्न यह दर्शाता है कि एक क्षेत्रीय त्यौहार भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनाया जा सकता है, जिससे विभिन्न समुदायों में आपसी सम्मान और सांस्कृतिक समझ बढ़ती है।