स्थानीय
अरवल में निलंबित थानाध्यक्ष दरबारी चौधरी पर नवादा के रजौली में भी गंभीर आरोप, जांच की मांग
अरवल में निलंबित हुए थानाध्यक्ष दरबारी चौधरी पर अब नवादा के रजौली थाना में भी घूसखोरी और अनियमितताओं के आरोप लगे हैं, जिससे उनकी पूर्व कार्यकाल की जांच की मांग बढ़ रही है।
अरवल जिले के पुलिस थानाध्यक्ष दरबारी चौधरी को निलंबित कर दिया गया है, क्योंकि उन पर चार लोगों को लगभग 12 घंटे तक अवैध रूप से हिरासत में रखने, परिजनों से संपर्क न करने देने और रुपये लेकर छोड़ने के गंभीर आरोप लगे थे।
इन आरोपों की पुष्टि होने पर आयुक्त विकास वैभव ने उन्हें निलंबित करने के साथ ही विभागीय कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया।
अरवल में हुई कार्रवाई के बाद नवादा जिले के रजौली थाना में भी उनके पूर्व कार्यकाल को लेकर समान आरोप सामने आए हैं। रजौली के कुछ स्थानीय लोगों ने कथित घूसखोरी और अनियमितताओं के दावे किए हैं, और अब उनके कार्यकाल के दौरान हुई गतिविधियों की निष्पक्ष जांच की मांग बढ़ रही है।
हालांकि, रजौली में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी तक नहीं हुई है, और संबंधित पुलिस अधिकारियों व दरबारी चौधरी का आधिकारिक पक्ष भी सामने आना बाकी है। इस स्थिति में यह स्पष्ट नहीं है कि अरवल की कार्रवाई के बाद रजौली में भी उनकी पूर्व कार्यकाल की जांच होगी या नहीं।
इन आरोपों की पुष्टि होने पर आयुक्त विकास वैभव ने उन्हें निलंबित करने के साथ ही विभागीय कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया।
अरवल में हुई कार्रवाई के बाद नवादा जिले के रजौली थाना में भी उनके पूर्व कार्यकाल को लेकर समान आरोप सामने आए हैं। रजौली के कुछ स्थानीय लोगों ने कथित घूसखोरी और अनियमितताओं के दावे किए हैं, और अब उनके कार्यकाल के दौरान हुई गतिविधियों की निष्पक्ष जांच की मांग बढ़ रही है।
हालांकि, रजौली में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी तक नहीं हुई है, और संबंधित पुलिस अधिकारियों व दरबारी चौधरी का आधिकारिक पक्ष भी सामने आना बाकी है। इस स्थिति में यह स्पष्ट नहीं है कि अरवल की कार्रवाई के बाद रजौली में भी उनकी पूर्व कार्यकाल की जांच होगी या नहीं।