📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Hpsatapathy
स्वास्थ्य
एपोलो और ईप्लेन ने भारत के आपातकालीन देखभाल नेटवर्क में हेलीकॉप्टर एम्बुलेंस का परिचय दिया
✍️ DT Next
🗓 24 जुल. 2026, 10:18 AM
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एपोलो हॉस्पिटल्स और ईप्लेन ने भारत में एम्बुलेंस सेवा के लिए मिलकर काम करने की घोषणा की, जिससे आपातकालीन चिकित्सा प्रतिक्रिया बेहतर होगी।
एपोलो हॉस्पिटल्स और ईप्लेन ने भारत के आपातकालीन देखभाल नेटवर्क में एम्बुलेंस सेवा लाने के लिए साझेदारी की है। इस सहयोग से एपोलो की चिकित्सा विशेषज्ञता और ईप्लेन की विमानन क्षमताएँ मिलकर गंभीर रोगियों के लिए तेज़ी से परिवहन सुनिश्चित करेंगी।
इस पहल का उद्देश्य आपात स्थितियों में प्रतिक्रिया समय को कम करना है, खासकर दूरस्थ या भीड़भाड़ वाले इलाकों में जहाँ ज़मीन पर परिवहन में देरी हो सकती है। एम्बुलेंस को नेटवर्क में शामिल करके रोगियों को तुरंत विशेषज्ञ देखभाल मिल सकेगी और जीवित रहने की संभावना बढ़ेगी।
योजना के अनुसार, हेलीकॉप्टरों के एक बेड़े को चिकित्सा उपकरणों से लैस किया जाएगा और प्रशिक्षित चिकित्सा दलों द्वारा संचालित किया जाएगा। सेवा पहले प्रमुख शहरों में शुरू होगी और फिर छोटे कस्बों तक विस्तारित होगी।
दोनों कंपनियाँ यह रेखांकित करती हैं कि यह पहल मौजूदा आपातकालीन सेवाओं के साथ समन्वित होगी, जिससे अस्पतालों में सुगम हस्तांतरण और समन्वय सुनिश्चित होगा।
इस लॉन्च से भारत के आपातकालीन चिकित्सा ढाँचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है और यह पूरे देश में समान सहयोग के लिए मिसाल कायम कर सकता है।
इस पहल का उद्देश्य आपात स्थितियों में प्रतिक्रिया समय को कम करना है, खासकर दूरस्थ या भीड़भाड़ वाले इलाकों में जहाँ ज़मीन पर परिवहन में देरी हो सकती है। एम्बुलेंस को नेटवर्क में शामिल करके रोगियों को तुरंत विशेषज्ञ देखभाल मिल सकेगी और जीवित रहने की संभावना बढ़ेगी।
योजना के अनुसार, हेलीकॉप्टरों के एक बेड़े को चिकित्सा उपकरणों से लैस किया जाएगा और प्रशिक्षित चिकित्सा दलों द्वारा संचालित किया जाएगा। सेवा पहले प्रमुख शहरों में शुरू होगी और फिर छोटे कस्बों तक विस्तारित होगी।
दोनों कंपनियाँ यह रेखांकित करती हैं कि यह पहल मौजूदा आपातकालीन सेवाओं के साथ समन्वित होगी, जिससे अस्पतालों में सुगम हस्तांतरण और समन्वय सुनिश्चित होगा।
इस लॉन्च से भारत के आपातकालीन चिकित्सा ढाँचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है और यह पूरे देश में समान सहयोग के लिए मिसाल कायम कर सकता है।