📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / iMahesh
राजनीति
एपी उच्च न्यायालय ने 'क्या मैं बताऊँ?' टिप्पणी पर अधिकारी को मिली निंदा को रद्द किया
✍️ The New Indian Express
🗓 26 जुल. 2026, 02:06 PM
👁 4
आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने निर्णय दिया कि ‘क्या मैं बताऊँ?’ टिप्पणी अनुचित नहीं थी और अधिकारी पर लगी निंदा को रद्द कर दिया।
आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने आज एक सरकारी अधिकारी पर लगी निंदा को रद्द कर दिया, यह कहते हुए कि ‘क्या मैं बताऊँ?’ टिप्पणी अनुचित नहीं थी। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यह टिप्पणी केवल एक सामान्य अभिव्यक्ति थी, न कि उत्पीड़न या दुराचार।
इस निर्णय को एक संक्षिप्त आदेश में घोषित किया गया, जिसमें न्यायालय ने जोर दिया कि अपमानजनक भाषा और साधारण बातचीत के बीच अंतर करना आवश्यक है। अधिकारी पर आगे कोई दंड या अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
यह फैसला सार्वजनिक सेवा में हल्की टिप्पणियों के प्रबंधन के लिए एक मिसाल कायम कर सकता है, और आचरण व अनुशासनात्मक उपायों पर स्पष्ट दिशा-निर्देशों की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
इस निर्णय को एक संक्षिप्त आदेश में घोषित किया गया, जिसमें न्यायालय ने जोर दिया कि अपमानजनक भाषा और साधारण बातचीत के बीच अंतर करना आवश्यक है। अधिकारी पर आगे कोई दंड या अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
यह फैसला सार्वजनिक सेवा में हल्की टिप्पणियों के प्रबंधन के लिए एक मिसाल कायम कर सकता है, और आचरण व अनुशासनात्मक उपायों पर स्पष्ट दिशा-निर्देशों की आवश्यकता को रेखांकित करता है।