📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / manobraescolar DECEx
मनोरंजन
एपी एफडीसी अध्यक्ष ने 24 कारीगरी पहलों पर तेलुगु टीवी प्रतिनिधियों से मुलाकात की
✍️ The Hans India
🗓 27 सित. 2026, 02:17 PM
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आँध्र प्रदेश फिल्म विकास निगम के अध्यक्ष ने तेलुगु टीवी उद्योग के प्रतिनिधियों से 24 कारीगरी पहलों पर चर्चा की, जिसका उद्देश्य स्थानीय प्रतिभा और उद्योग सहयोग को बढ़ावा देना है।
आँध्र प्रदेश फिल्म विकास निगम (एपी एफडीसी) के अध्यक्ष ने गुरुवार को तेलुगु टीवी उद्योग के प्रतिनिधियों से मिलकर 24 अलग-अलग कारीगरी श्रेणियों को शामिल करने वाली नई पहल पर चर्चा की। बैठक में बताया गया कि इन कारीगरियों को टेलीविजन प्रोडक्शन में कैसे एकीकृत किया जा सकता है ताकि प्रामाणिकता बढ़े और स्थानीय कारीगरों का समर्थन हो।
यह बैठक एपी एफडीसी के हैदराबाद स्थित मुख्यालय में आयोजित की गई, जहाँ अधिकारियों ने फिल्म और टेलीविजन उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने के अपने संकल्प को रेखांकित किया।
एपी एफडीसी के अधिकारियों ने बताया कि 24 कारीगरी श्रेणियाँ पारंपरिक बुनाई और मिट्टी के बर्तन से लेकर आधुनिक डिजिटल निर्माण तकनीकों तक फैली हुई हैं। इस पहल का उद्देश्य प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और मीडिया परियोजनाओं में भागीदारी के माध्यम से कारीगरों को सशक्त बनाना है।
उद्योग के विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी साझेदारियाँ टेलीविजन क्षेत्र और कारीगरी उद्योग दोनों के लिए नई आय के स्रोत खोल सकती हैं, साथ ही सांस्कृतिक विरासत को भी संरक्षित रख सकती हैं।
बैठक का समापन एक संयुक्त बयान के साथ हुआ, जिसमें कहा गया कि आने वाले महीनों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किए जाएँगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था व रचनात्मक उत्पादन पर उनके प्रभाव का मूल्यांकन किया जाएगा।
यह बैठक एपी एफडीसी के हैदराबाद स्थित मुख्यालय में आयोजित की गई, जहाँ अधिकारियों ने फिल्म और टेलीविजन उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने के अपने संकल्प को रेखांकित किया।
एपी एफडीसी के अधिकारियों ने बताया कि 24 कारीगरी श्रेणियाँ पारंपरिक बुनाई और मिट्टी के बर्तन से लेकर आधुनिक डिजिटल निर्माण तकनीकों तक फैली हुई हैं। इस पहल का उद्देश्य प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और मीडिया परियोजनाओं में भागीदारी के माध्यम से कारीगरों को सशक्त बनाना है।
उद्योग के विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी साझेदारियाँ टेलीविजन क्षेत्र और कारीगरी उद्योग दोनों के लिए नई आय के स्रोत खोल सकती हैं, साथ ही सांस्कृतिक विरासत को भी संरक्षित रख सकती हैं।
बैठक का समापन एक संयुक्त बयान के साथ हुआ, जिसमें कहा गया कि आने वाले महीनों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किए जाएँगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था व रचनात्मक उत्पादन पर उनके प्रभाव का मूल्यांकन किया जाएगा।