📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Photographer at the hockey ground
स्थानीय
नशा‑विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा का शरीर मानसा, पंजाब में पैतृक घर पहुँचा
✍️ Amar Ujala · Punjab
🗓 08 नव. 2026, 12:46 PM
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नशा‑विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा का पार्थिव शरीर मानसा, पंजाब में उनके पैतृक घर पर लाया गया, जहाँ बड़ी भीड़ इकट्ठी हुई।
आज सुबह परविंदर सिंह झोटा का पार्थिव शरीर पंजाब के मानसा शहर में उनके पैतृक घर पर पहुंचा। स्थानीय लोग, मित्र और समर्थक इस घर के आसपास इकट्ठा हुए, जहाँ भीड़ ने शोक और एकजुटता का भाव दिखाया।
झोटा नशे के खिलाफ आवाज़ उठाने वाले प्रमुख कार्यकर्ता थे; उन्होंने कई रैलियों का आयोजन किया और युवाओं को नशा‑मुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया। उनका अचानक निधन समुदाय को गहरा धक्का दे गया, क्योंकि वह नशा‑मुक्ति के संघर्ष में एक प्रेरक शक्ति माने जाते थे।
स्थानीय अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे, शरीर की देखभाल और भीड़ के नियंत्रण की व्यवस्था की। अंतिम संस्कार की तैयारियाँ अभी चल रही हैं; कई लोग फूल चढ़ाकर और मौन प्रार्थना करके श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।
यह घटना पंजाब में नशा‑विरोधी आंदोलन की भावनात्मक गहराई को उजागर करती है, जहाँ इस मुद्दे पर जनसंवेदनशीलता अत्यधिक है। मृत्यु के कारण के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है, और आगे की जांच प्रक्रिया सामान्य नियमों के तहत जारी रहेगी।
झोटा नशे के खिलाफ आवाज़ उठाने वाले प्रमुख कार्यकर्ता थे; उन्होंने कई रैलियों का आयोजन किया और युवाओं को नशा‑मुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया। उनका अचानक निधन समुदाय को गहरा धक्का दे गया, क्योंकि वह नशा‑मुक्ति के संघर्ष में एक प्रेरक शक्ति माने जाते थे।
स्थानीय अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे, शरीर की देखभाल और भीड़ के नियंत्रण की व्यवस्था की। अंतिम संस्कार की तैयारियाँ अभी चल रही हैं; कई लोग फूल चढ़ाकर और मौन प्रार्थना करके श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।
यह घटना पंजाब में नशा‑विरोधी आंदोलन की भावनात्मक गहराई को उजागर करती है, जहाँ इस मुद्दे पर जनसंवेदनशीलता अत्यधिक है। मृत्यु के कारण के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है, और आगे की जांच प्रक्रिया सामान्य नियमों के तहत जारी रहेगी।