📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Subhobrata Chakravorti
टेक्नोलॉजी
एन्थ्रोपिक ने वेदांता साधु स्वामी सर्वप्रियांंदा को क्लॉड एआई प्रशिक्षण के लिए यूएस भेजा
✍️ India Today
🗓 03 अक्टू. 2026, 04:38 AM
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एन्थ्रोपिक ने स्वामी सर्वप्रियांंदा को क्लॉड एआई प्रशिक्षण हेतु निजी बैठक के लिए यूएस भेजा, उनका वीडियो वायरल हो रहा है।
एन्थ्रोपिक, जो क्लॉड भाषा मॉडल का विकास करता है, ने वेदांता संप्रदाय के स्वामी सर्वप्रियांंदा को संयुक्त राज्य अमेरिका में एक निजी प्रशिक्षण सत्र के लिए आमंत्रित किया। इस दौरे का उद्देश्य स्वामी को क्लॉड एआई के साथ संवाद करवाना और उनके फीडबैक से मॉडल की बातचीत क्षमता को बेहतर बनाना था।
स्वामी के हालिया प्रवचन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इस पहल ने व्यापक ध्यान आकर्षित किया। कई लोगों ने इस अनोखे मिलन को तकनीक और आध्यात्मिकता के बीच संवाद के नए स्वरूप के रूप में देखा।
एन्थ्रोपिक ने बैठक के सटीक स्थान या अवधि का खुलासा नहीं किया, पर यह बताया कि विविध दृष्टिकोणों को एआई विकास में शामिल करना कंपनी की रणनीति का हिस्सा है। स्वामी सर्वप्रियांंदा के इनपुट का उपयोग मॉडल को सांस्कृतिक और नैतिक रूप से संवेदनशील विषयों को संभालने में सुधार लाने के लिए किया जाएगा।
यह घटना इस बात को रेखांकित करती है कि एआई कंपनियां अब विद्वानों, धार्मिक नेताओं और अन्य विशेषज्ञों की राय लेकर अपने सिस्टम को अधिक जिम्मेदार और संदर्भ‑सचेत बनाने की कोशिश कर रही हैं, जबकि स्वामी की ऑनलाइन लोकप्रियता भी पारंपरिक दर्शकों से परे फैल रही है।
स्वामी के हालिया प्रवचन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इस पहल ने व्यापक ध्यान आकर्षित किया। कई लोगों ने इस अनोखे मिलन को तकनीक और आध्यात्मिकता के बीच संवाद के नए स्वरूप के रूप में देखा।
एन्थ्रोपिक ने बैठक के सटीक स्थान या अवधि का खुलासा नहीं किया, पर यह बताया कि विविध दृष्टिकोणों को एआई विकास में शामिल करना कंपनी की रणनीति का हिस्सा है। स्वामी सर्वप्रियांंदा के इनपुट का उपयोग मॉडल को सांस्कृतिक और नैतिक रूप से संवेदनशील विषयों को संभालने में सुधार लाने के लिए किया जाएगा।
यह घटना इस बात को रेखांकित करती है कि एआई कंपनियां अब विद्वानों, धार्मिक नेताओं और अन्य विशेषज्ञों की राय लेकर अपने सिस्टम को अधिक जिम्मेदार और संदर्भ‑सचेत बनाने की कोशिश कर रही हैं, जबकि स्वामी की ऑनलाइन लोकप्रियता भी पारंपरिक दर्शकों से परे फैल रही है।