📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / U.S. Marine Corps photo by Cpl. Rebeka Falcon
बिज़नेस
आंध्र प्रदेश में आयोजित होगा 31वाँ CII पार्टनरशिप समिट, विशाखापत्तनम में
✍️ Asianet Newsable
🗓 08 नव. 2026, 06:54 AM
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आंध्र प्रदेश सरकार ने पुष्टि की है कि विशाखापत्तनम में 31वाँ CII पार्टनरशिप समिट आयोजित होगा, जिसमें उद्योग के प्रमुख और नीति निर्माता भाग लेंगे।
आंध्र प्रदेश सरकार ने घोषणा की है कि विशाखापत्तनम में 31वाँ Confederation of Indian Industry (CII) पार्टनरशिप समिट आयोजित होगा। इस मंच पर देश भर के वरिष्ठ उद्योगपति, उद्यमी और सरकारी अधिकारी आर्थिक सहयोग और विकास के मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
CII, जो भारत के प्रमुख व्यापार मंडलों में से एक है, इस समिट के माध्यम से निजी क्षेत्र और नीति निर्माताओं के बीच संवाद को सुदृढ़ करता है। आयोजकों का उद्देश्य राज्य की औद्योगिक क्षमता को उजागर करना और विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स तथा नवीनीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश के अवसरों की पहचान करना है।
राज्य के प्रतिनिधियों ने विशाखापत्तनम के रणनीतिक समुद्री स्थान और उन्नत बुनियादी ढाँचे को इस कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में बताया। यह समिट इस वर्ष के अंत में आयोजित होने की संभावना है, जबकि विस्तृत कार्यक्रम CII द्वारा निकट भविष्य में जारी किया जाएगा।
समिट में पैनल चर्चाएँ, बी2बी मीटिंग्स और क्षेत्रीय परियोजनाओं का प्रदर्शन भी शामिल होगा, जिससे आंध्र प्रदेश को दक्षिण भारत में आर्थिक विकास का केंद्र बनाने की दिशा में गति मिलेगी।
उम्मीद है कि इस मंच से नई साझेदारियाँ स्थापित होंगी और राज्य की विकास योजना के तहत चल रहे कई प्रोजेक्ट्स को तेज़ी मिलेगी।
CII, जो भारत के प्रमुख व्यापार मंडलों में से एक है, इस समिट के माध्यम से निजी क्षेत्र और नीति निर्माताओं के बीच संवाद को सुदृढ़ करता है। आयोजकों का उद्देश्य राज्य की औद्योगिक क्षमता को उजागर करना और विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स तथा नवीनीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश के अवसरों की पहचान करना है।
राज्य के प्रतिनिधियों ने विशाखापत्तनम के रणनीतिक समुद्री स्थान और उन्नत बुनियादी ढाँचे को इस कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में बताया। यह समिट इस वर्ष के अंत में आयोजित होने की संभावना है, जबकि विस्तृत कार्यक्रम CII द्वारा निकट भविष्य में जारी किया जाएगा।
समिट में पैनल चर्चाएँ, बी2बी मीटिंग्स और क्षेत्रीय परियोजनाओं का प्रदर्शन भी शामिल होगा, जिससे आंध्र प्रदेश को दक्षिण भारत में आर्थिक विकास का केंद्र बनाने की दिशा में गति मिलेगी।
उम्मीद है कि इस मंच से नई साझेदारियाँ स्थापित होंगी और राज्य की विकास योजना के तहत चल रहे कई प्रोजेक्ट्स को तेज़ी मिलेगी।