📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
बिज़नेस
अंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने सीए और एमएसएमई के लिए एआई प्लेटफ़ॉर्म लॉन्च किया
✍️ The Indian Express
🗓 30 अग. 2026, 08:03 AM
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मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अंध्र प्रदेश में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और एमएसएमई की मदद के लिए एआई‑आधारित पोर्टल का शुभारंभ किया।
अंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) और माइक्रो, स्मॉल एवं मीडियम एंटरप्राइज़ (एमएसएमई) को सहायता प्रदान करने के लिए एआई‑संचालित डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का आधिकारिक रूप से शुभारंभ किया। इस लॉन्च समारोह में अधिकारियों ने बताया कि यह पोर्टल नियमित अनुपालन कार्यों को स्वचालित करेगा, रीयल‑टाइम वित्तीय अंतर्दृष्टि देगा और व्यवसायों को पेशेवर सलाह सेवाओं से जोड़ेगा।
प्लेटफ़ॉर्म में मशीन‑लर्निंग एल्गोरिदम का उपयोग करके टैक्स फाइलिंग, जीएसटी रिटर्न और अन्य नियामक डेटा का विश्लेषण किया जाएगा, जिससे सीए ग्राहकों के रिकॉर्ड की समीक्षा तेज़ी से कर सकेंगे। एमएसएमई के लिए यह टूल सरकारी योजनाओं, क्रेडिट जानकारी और बाजार की जानकारी तक आसान पहुँच प्रदान करेगा, जिससे विकास में बाधा डालने वाले प्रशासनिक बोझ को कम किया जा सकेगा।
राज्य के अधिकारियों ने कहा कि यह पहल अंध्र प्रदेश की व्यापक डिजिटल‑अर्थव्यवस्था रणनीति के साथ संरेखित है, जिसका उद्देश्य उद्यमिता को बढ़ावा देना और वित्तीय समावेशन को सुदृढ़ करना है। पोर्टल को चरणबद्ध रूप से लागू किया जाएगा, साथ ही राज्य भर के अकाउंटेंट्स और छोटे‑व्यवसायियों के लिए प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे।
सरकार का अनुमान है कि एआई समाधान अनुपालन की शुद्धता बढ़ाएगा, एमएसएमई के संचालन लागत को घटाएगा और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था में प्रौद्योगिकी‑आधारित सेवाओं के लिए नए अवसर सृजित करेगा।
प्लेटफ़ॉर्म में मशीन‑लर्निंग एल्गोरिदम का उपयोग करके टैक्स फाइलिंग, जीएसटी रिटर्न और अन्य नियामक डेटा का विश्लेषण किया जाएगा, जिससे सीए ग्राहकों के रिकॉर्ड की समीक्षा तेज़ी से कर सकेंगे। एमएसएमई के लिए यह टूल सरकारी योजनाओं, क्रेडिट जानकारी और बाजार की जानकारी तक आसान पहुँच प्रदान करेगा, जिससे विकास में बाधा डालने वाले प्रशासनिक बोझ को कम किया जा सकेगा।
राज्य के अधिकारियों ने कहा कि यह पहल अंध्र प्रदेश की व्यापक डिजिटल‑अर्थव्यवस्था रणनीति के साथ संरेखित है, जिसका उद्देश्य उद्यमिता को बढ़ावा देना और वित्तीय समावेशन को सुदृढ़ करना है। पोर्टल को चरणबद्ध रूप से लागू किया जाएगा, साथ ही राज्य भर के अकाउंटेंट्स और छोटे‑व्यवसायियों के लिए प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे।
सरकार का अनुमान है कि एआई समाधान अनुपालन की शुद्धता बढ़ाएगा, एमएसएमई के संचालन लागत को घटाएगा और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था में प्रौद्योगिकी‑आधारित सेवाओं के लिए नए अवसर सृजित करेगा।