📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Lared0110
शिक्षा
एनसीएसयू ने नागालैंड की पीएचडी मानकों को कमजोर करने और अतिथि संकाय को नियमित करने के प्रस्ताव का विरोध किया
✍️ India Today NE
🗓 12 अग. 2026, 10:37 PM
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असोसिएशन ऑफ़ नेशनल एंड सेंटरल सर्विस यूनिवर्सिटीज़ (एनसीएसयू) ने नागालैंड सरकार के प्रस्ताव का विरोध किया, जिसमें पीएचडी मानकों को कम करने और अतिथि संकाय को स्थायी स्थिति देने की योजना है।
एनसीएसयू ने नागालैंड सरकार द्वारा प्रस्तावित नीति के खिलाफ बयान जारी किया, जिसमें पीएचडी प्रवेश मानदंडों को ढीला करने और अतिथि संकाय को बिना शर्त स्थायी स्थिति देने का प्रस्ताव है। इस कदम से डॉक्टरेट कार्यक्रमों की कठोरता कम हो सकती है और मेरिट आधारित नियुक्तियों पर असर पड़ सकता है, ऐसा संगठन ने बताया।
सरकार का यह प्रस्ताव संकाय की कमी को दूर करने के लिए अतिथि प्रोफेसरों को स्थायी स्थिति देने का था। एनसीएसयू ने चेतावनी दी कि बिना शर्त नियमितीकरण से असमानता पैदा होगी और राज्य के उच्च शिक्षा संस्थानों के शैक्षणिक मानकों पर असर पड़ेगा।
बयान में एनसीएसयू ने नीति की समीक्षा की मांग की और पीएचडी मानदंडों को सख्त रखने का आग्रह किया। साथ ही, अतिथि संकाय के नियमितीकरण को प्रदर्शन और कार्यकाल के आधार पर ही होना चाहिए, इस बात पर बल दिया।
यह विरोध शैक्षणिक गुणवत्ता को बनाए रखने के प्रति बढ़ती चिंताओं के बीच आया है। एनसीएसयू का यह रुख नीति परिवर्तनों के बीच शैक्षणिक अखंडता की रक्षा के महत्व को रेखांकित करता है।
सरकार का यह प्रस्ताव संकाय की कमी को दूर करने के लिए अतिथि प्रोफेसरों को स्थायी स्थिति देने का था। एनसीएसयू ने चेतावनी दी कि बिना शर्त नियमितीकरण से असमानता पैदा होगी और राज्य के उच्च शिक्षा संस्थानों के शैक्षणिक मानकों पर असर पड़ेगा।
बयान में एनसीएसयू ने नीति की समीक्षा की मांग की और पीएचडी मानदंडों को सख्त रखने का आग्रह किया। साथ ही, अतिथि संकाय के नियमितीकरण को प्रदर्शन और कार्यकाल के आधार पर ही होना चाहिए, इस बात पर बल दिया।
यह विरोध शैक्षणिक गुणवत्ता को बनाए रखने के प्रति बढ़ती चिंताओं के बीच आया है। एनसीएसयू का यह रुख नीति परिवर्तनों के बीच शैक्षणिक अखंडता की रक्षा के महत्व को रेखांकित करता है।