📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Moheen Reeyad
अपराध
उत्तरी प्रदेश के एटा में भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को तीसरी बार नुकसान, ग्रामीणों का दावा
✍️ India Today
🗓 15 सित. 2026, 06:45 AM
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एटा के ग्रामीणों का कहना है कि डॉ. बी.आर. अंबेडकर की प्रतिमा को फिर से नुकसान पहुँचा है, जो तीन साल में तीसरा मामला है।
उत्तरी प्रदेश के एटा में फिर से डॉ. बी.आर. अंबेडकर की प्रतिमा को नुकसान पहुँचाने की घटना सामने आई, जब स्थानीय लोगों ने बताया कि यह प्रतिमा पिछले तीन वर्षों में तीसरी बार क्षतिग्रस्त हुई है। ग्रामीणों ने कहा कि यह क्षति इस हफ्ते की शुरुआत में पता चली और प्रतिमा पर स्पष्ट रूप से तोड़‑फोड़ के निशान दिखे।
रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रतिमा पर दो पहले भी हमले हुए थे, जो भी तीन‑साल की अवधि में हुए थे। समुदाय के लोग इस बार की घटना से निराश हैं और मानते हैं कि बार‑बार की तोड़‑फोड़ अंबेडकर जैसे सामाजिक नेता के सम्मान को ठेस पहुँचाती है।
ग्रामीणों ने स्थानीय अधिकारियों को शिकायत दर्ज कराई है, जिससे प्रतिमा की मरम्मत और दोषियों की जांच की मांग की गई है। अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
अंबेडकर की प्रतिमा एटा में एक प्रमुख स्मारक है, जो अक्सर स्मरणीय कार्यक्रमों में उपयोग होती है और सामाजिक न्याय का प्रतीक मानी जाती है। इसकी बार‑बार की तोड़‑फोड़ सार्वजनिक धरोहर की सुरक्षा और सामाजिक सामंजस्य पर सवाल उठाती है।
रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रतिमा पर दो पहले भी हमले हुए थे, जो भी तीन‑साल की अवधि में हुए थे। समुदाय के लोग इस बार की घटना से निराश हैं और मानते हैं कि बार‑बार की तोड़‑फोड़ अंबेडकर जैसे सामाजिक नेता के सम्मान को ठेस पहुँचाती है।
ग्रामीणों ने स्थानीय अधिकारियों को शिकायत दर्ज कराई है, जिससे प्रतिमा की मरम्मत और दोषियों की जांच की मांग की गई है। अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
अंबेडकर की प्रतिमा एटा में एक प्रमुख स्मारक है, जो अक्सर स्मरणीय कार्यक्रमों में उपयोग होती है और सामाजिक न्याय का प्रतीक मानी जाती है। इसकी बार‑बार की तोड़‑फोड़ सार्वजनिक धरोहर की सुरक्षा और सामाजिक सामंजस्य पर सवाल उठाती है।