📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Apurba Biswas
बिज़नेस
अल्स्टॉम की इंजीनियरिंग का 30% भारत में, मदहेपुरा लोको फ़ैक्ट्री ने बढ़ावा
✍️ The Indian Express
🗓 31 अग. 2026, 10:32 AM
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अल्स्टॉम ने बताया कि अब उसकी वैश्विक इंजीनियरिंग का 30% भारत में स्थित है, जो बिहार के मदहेपुरा में नए लोकोमोटिव फ़ैक्ट्री से संभव हुआ है।
फ्रेंच रेल उपकरण निर्माता अल्स्टॉम ने बताया कि अब उसकी वैश्विक इंजीनियरिंग क्षमता का लगभग एक‑तीहाई भारत में स्थित है। यह वृद्धि मुख्यतः बिहार के मदहेपुरा में स्थापित लोकोमोटिव निर्माण संयंत्र के कारण है, जो डिजाइन, परीक्षण और उत्पादन कार्यों का केंद्र बन गया है।
2024 की शुरुआत में चालू हुआ मदहेपुरा प्लांट बड़ी संख्या में इंजीनियरों को रोजगार देता है और अल्स्टॉम के विश्व‑व्यापी प्रोजेक्ट्स को समर्थन देने के लिए उन्नत डिजिटल उपकरणों का उपयोग करता है। भारत में इंजीनियरिंग कार्यों को स्थानांतरित करके कंपनी स्थानीय प्रतिभा का लाभ उठाने, विकास लागत घटाने और घरेलू तथा निर्यात दोनों आदेशों की डिलीवरी गति तेज करने का लक्ष्य रखती है।
उद्योग विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम भारत के हाई‑टेक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए एक मील का पत्थर है, जो जटिल इंजीनियरिंग संचालन को संभालने की देश की क्षमता में विश्वास दर्शाता है। अल्स्टॉम उम्मीद करता है कि विस्तारित भारतीय आधार उसकी समग्र विकास रणनीति में योगदान देगा और वैश्विक रेल बाजार में भारत की स्थिति को मजबूत करेगा।
2024 की शुरुआत में चालू हुआ मदहेपुरा प्लांट बड़ी संख्या में इंजीनियरों को रोजगार देता है और अल्स्टॉम के विश्व‑व्यापी प्रोजेक्ट्स को समर्थन देने के लिए उन्नत डिजिटल उपकरणों का उपयोग करता है। भारत में इंजीनियरिंग कार्यों को स्थानांतरित करके कंपनी स्थानीय प्रतिभा का लाभ उठाने, विकास लागत घटाने और घरेलू तथा निर्यात दोनों आदेशों की डिलीवरी गति तेज करने का लक्ष्य रखती है।
उद्योग विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम भारत के हाई‑टेक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए एक मील का पत्थर है, जो जटिल इंजीनियरिंग संचालन को संभालने की देश की क्षमता में विश्वास दर्शाता है। अल्स्टॉम उम्मीद करता है कि विस्तारित भारतीय आधार उसकी समग्र विकास रणनीति में योगदान देगा और वैश्विक रेल बाजार में भारत की स्थिति को मजबूत करेगा।