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29 अक्टू. 2026•
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अल्लाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में फॉरेंसिक लैब की कमी पर प्रकाश डाला
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vroomtrapit at English Wikipedia
अपराध

अल्लाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में फॉरेंसिक लैब की कमी पर प्रकाश डाला

✍️ India Today 🗓 29 अक्टू. 2026, 10:01 PM 👁 15
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अल्लाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में फॉरेंसिक लैबों की कमी को उजागर किया, जिससे आपराधिक जांच में देरी का खतरा बताया गया।

अल्लाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं की कमी को गंभीरता से उठाया है। कोर्ट ने कहा कि मौजूदा सुविधाएँ केसों की बढ़ती संख्या को संभालने में अपर्याप्त हैं, जिससे वैज्ञानिक विश्लेषण में देरी हो सकती है और जांच प्रक्रिया धीमी पड़ सकती है।

न्यायिक अधिकारियों ने कहा कि तेज़ और सटीक फॉरेंसिक परीक्षण अपराधियों की सजा और पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक है। उन्होंने राज्य सरकार से वर्तमान क्षमता का आकलन करने और प्रयोगशालाओं की संख्या बढ़ाने या मौजूदा सुविधाओं को अपग्रेड करने का आग्रह किया।

कोई निश्चित समयसीमा निर्धारित नहीं की गई, पर कोर्ट की इस पहल से राज्य के आपराधिक न्याय प्रणाली में सुधार की दिशा में दबाव बढ़ेगा। अधिकारियों से उम्मीद की जा रही है कि वे इस कमी को दूर करने के लिए नई प्रयोगशालाओं की स्थापना या मौजूदा लैबों के विस्तार की योजना पेश करेंगे।

यह समस्या भारत के कई राज्यों में फॉरेंसिक क्षमताओं के आधुनिकीकरण की व्यापक चुनौती को दर्शाती है, जो प्रभावी कानून प्रवर्तन और न्यायिक कार्यक्षमता के लिए महत्वपूर्ण है।

कानून प्रवर्तन एजेंसियों और वकीलों सहित कई हितधारकों ने इस मुद्दे पर कोर्ट के ध्यान की सराहना की है, इसे उत्तर प्रदेश में साक्ष्य-आधारित न्याय प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानते हैं।
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