📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vroomtrapit at English Wikipedia
अपराध
अलाहाबाद हाई कोर्ट ने पुलिस के एक शॉट से नीचे घुटने तक घायल होने वाले आरोपी पर आलोचना की
✍️ The Indian Express
🗓 21 अग. 2026, 09:37 AM
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अलाहाबाद हाई कोर्ट ने चेतावनी दी कि बार-बार पुलिस के एक शॉट से आरोपी के घुटने या नीचे तक चोट लगती है, और कानून प्रवर्तन से वैकल्पिक उपाय अपनाने का आग्रह किया।
अलाहाबाद हाई कोर्ट ने हाल ही में एक सुनवाई में यह बात उठाई कि पुलिस के एक शॉट से अक्सर आरोपी के घुटने या नीचे तक चोट लगती है। यह टिप्पणी कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग की बढ़ती चिंताओं के बीच की गई।
सत्र के दौरान, कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों से भीड़ नियंत्रण और रोकथाम के वैकल्पिक तरीकों पर विचार करने का आग्रह किया, ताकि शामिल व्यक्तियों को न्यूनतम क्षति पहुंचे। यह बयान एक कानूनी वकील द्वारा दायर याचिका के जवाब में दिया गया था, जो पुलिस हिंसा के शिकार का प्रतिनिधित्व कर रहा था।
कोर्ट की इस टिप्पणी से कानून प्रवर्तन की जवाबदेही और पुलिस के हथियार उपयोग के प्रोटोकॉल पर सख्त निगरानी की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया। यह निर्णय उत्तर प्रदेश में हथियार उपयोग के नियमों की समीक्षा को प्रेरित करने की उम्मीद है।
सत्र के दौरान, कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों से भीड़ नियंत्रण और रोकथाम के वैकल्पिक तरीकों पर विचार करने का आग्रह किया, ताकि शामिल व्यक्तियों को न्यूनतम क्षति पहुंचे। यह बयान एक कानूनी वकील द्वारा दायर याचिका के जवाब में दिया गया था, जो पुलिस हिंसा के शिकार का प्रतिनिधित्व कर रहा था।
कोर्ट की इस टिप्पणी से कानून प्रवर्तन की जवाबदेही और पुलिस के हथियार उपयोग के प्रोटोकॉल पर सख्त निगरानी की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया। यह निर्णय उत्तर प्रदेश में हथियार उपयोग के नियमों की समीक्षा को प्रेरित करने की उम्मीद है।