📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vroomtrapit at English Wikipedia
अपराध
अल्लाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा पुलिस प्रक्रियाएँ घायल को उपचार से वंचित नहीं कर सकतीं
✍️ theprint.in
🗓 26 सित. 2026, 10:47 AM
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अल्लाहाबाद उच्च न्यायालय ने निर्णय दिया कि पुलिस की प्रक्रियाओं के आधार पर दुर्घटना में घायल व्यक्ति को चिकित्सा उपचार से वंचित नहीं किया जा सकता।
अल्लाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक दुर्घटना पीड़ित के खिलाफ पुलिस प्रक्रियाओं के आधार पर चिकित्सा उपचार से वंचित करने के मामले पर सुनवाई की। न्यायालय ने फैसला सुनाया कि पुलिस की प्रक्रियात्मक आवश्यकताएँ घायल व्यक्ति को समय पर चिकित्सा देखभाल देने के राज्य के कर्तव्य को नहीं रोक सकतीं।
निर्णय में, न्यायालय ने ज़ोर दिया कि दुर्घटना पीड़ितों को प्राथमिक चिकित्सा की ज़रूरत है और किसी भी प्रशासनिक देरी को उपचार देने से रोकने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। इस आदेश से अस्पतालों और चिकित्सा कर्मचारियों को पुलिस दस्तावेज़ीकरण के अधूरे होने पर भी रोगी की देखभाल को प्राथमिकता देने का निर्देश मिलता है।
यह फैसला भारत के अन्य हिस्सों में भी समान मामलों के लिए मिसाल कायम करेगा, जिससे यह स्पष्ट हो जाएगा कि स्वास्थ्य आपात स्थितियों में प्रक्रियात्मक औपचारिकताओं को प्राथमिकता नहीं दी जा सकती।
न्यायालय के इस आदेश से यह सिद्ध होता है कि सड़क दुर्घटनाओं में त्वरित चिकित्सा हस्तक्षेप अनिवार्य है और किसी भी प्रकार की देरी को रोका जाना चाहिए।
निर्णय में, न्यायालय ने ज़ोर दिया कि दुर्घटना पीड़ितों को प्राथमिक चिकित्सा की ज़रूरत है और किसी भी प्रशासनिक देरी को उपचार देने से रोकने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। इस आदेश से अस्पतालों और चिकित्सा कर्मचारियों को पुलिस दस्तावेज़ीकरण के अधूरे होने पर भी रोगी की देखभाल को प्राथमिकता देने का निर्देश मिलता है।
यह फैसला भारत के अन्य हिस्सों में भी समान मामलों के लिए मिसाल कायम करेगा, जिससे यह स्पष्ट हो जाएगा कि स्वास्थ्य आपात स्थितियों में प्रक्रियात्मक औपचारिकताओं को प्राथमिकता नहीं दी जा सकती।
न्यायालय के इस आदेश से यह सिद्ध होता है कि सड़क दुर्घटनाओं में त्वरित चिकित्सा हस्तक्षेप अनिवार्य है और किसी भी प्रकार की देरी को रोका जाना चाहिए।