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आनंद विहार में काई‑आधारित वायु शोधन परीक्षण शुरू
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ravi Dwivedi
विज्ञान

आनंद विहार में काई‑आधारित वायु शोधन परीक्षण शुरू

✍️ Amar Ujala · Delhi 🗓 06 सित. 2026, 12:19 AM 👁 57
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दिल्ली के आनंद विहार में काई से वायु शोधन का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है, जिसका लक्ष्य प्रदूषण कम करना है।

दिल्ली में लगातार बढ़ते प्रदूषण को लेकर अधिकारियों ने आनंद विहार में एक नई तकनीक का परीक्षण शुरू किया है। इस पायलट प्रोजेक्ट में विशेष रूप से उगाई गई काई को उपयोग किया गया है, जो हानिकारक कणों और गैसों को अवशोषित कर शुद्ध हवा छोड़ती है।

आनंद विहार परिसर के कई बिंदुओं पर काई‑भरे बायोरिएक्टर स्थापित किए गए हैं। काई प्रकाश संश्लेषण के दौरान नाइट्रोजन ऑक्साइड, कण पदार्थ आदि प्रमुख प्रदूषकों को पकड़ लेती है और साफ़ वायु को वातावरण में वापस छोड़ती है।

अधिकारी बताते हैं कि इस परीक्षण को कई हफ्तों तक चलाया जाएगा और प्रदूषण स्तर में बदलाव को मापने के लिए वायु‑गुणवत्ता सेंसर लगाए जाएंगे। यदि परिणाम सकारात्मक रहे तो इस तकनीक को दिल्ली के अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में लागू किया जा सकता है।

पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि काई‑आधारित शोधन पारम्परिक फ़िल्टरिंग तरीकों की तुलना में कम ऊर्जा‑खपत और अधिक टिकाऊ समाधान प्रदान करता है, हालांकि शहरी माहौल में इसकी प्रभावशीलता अभी पूरी तरह से सिद्ध होनी बाकी है।

यह कदम दिल्ली की हरित तकनीकों को अपनाने और राष्ट्रीय वायु‑गुणवत्ता मानकों को पूरा करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा करना है।
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