📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vikramjit Kakati
राजनीति
अखिल गोगोई ने नांगों बायपोल में मीरा बोरथाकुर को हिमंत बिस्वा सार्मा की ‘फिक्स्ड डिपॉज़िट’ कहा
✍️ India Today NE
🗓 16 सित. 2026, 11:36 AM
👁 14
पर्यावरण कार्यकर्ता अखिल गोगोई ने नांगों बायपोल के निकट आने पर मीरा बोरथाकुर को हिमंत बिस्वा सार्मा की फिक्स्ड डिपॉज़िट कहा।
पर्यावरण कार्यकर्ता और पूर्व राजनैतिक नेता अखिल गोगोई ने असम के मुख्य मंत्री हिमंत बिस्वा सार्मा की "फिक्स्ड डिपॉज़िट" के रूप में कांग्रेस उम्मीदवार मीरा बोरथाकुर को वर्णित करके नई बहस छेड़ दी। गोगोई ने नांगों लोकसभा बायपोल के चुनाव से पहले पत्रकारों को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की, जो पिछले सांसद के पद छोड़ने के बाद आयोजित हो रहा है।
यह बयान असम में चल रहे तीव्र राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को उजागर करता है, जहाँ सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी कांग्रेस नांगों सीट को जीतने के लिए कड़ी जद्दोजहद में हैं। गोगोई का यह बयान औपचारिक आरोप नहीं है, पर यह विपक्षी वर्ग में सरकार द्वारा उम्मीदवार चयन में संभावित पक्षपात के बारे में बढ़ती चिंताओं को दर्शाता है।
चुनाव अधिकारियों ने पुष्टि की है कि बायपोल निर्धारित तिथि पर आयोजित होगा और सुरक्षा व मतदान की व्यवस्था पहले ही तैयार है। दोनों पक्षों ने अभियान शुरू कर दिया है, और नांगों, जो पारंपरिक रूप से कांग्रेस का मजबूत आधार रहा है, अब किसी भी मतदाता प्रवृत्ति में बदलाव के लिए बारीकी से देखा जा रहा है।
गोगोई, जो असम के पर्यावरण और भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलनों में प्रमुख रहे हैं, ने पहले भी राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना की है। उनका यह नवीनतम टिप्पणी बायपोल के निकट आते ही राजनीतिक कथा में एक नया आयाम जोड़ता है, जहाँ मतदाता तय करेंगे कि भाजपा का प्रभाव और बढ़ेगा या कांग्रेस सीट फिर से जीत पाएगी।
चुनाव आयोग ने सभी उम्मीदवारों से शांति पूर्ण अभियान चलाने का आग्रह किया है और कहा है कि किसी भी प्रकार की उकसाने वाली टिप्पणी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित नहीं करनी चाहिए।
यह बयान असम में चल रहे तीव्र राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को उजागर करता है, जहाँ सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी कांग्रेस नांगों सीट को जीतने के लिए कड़ी जद्दोजहद में हैं। गोगोई का यह बयान औपचारिक आरोप नहीं है, पर यह विपक्षी वर्ग में सरकार द्वारा उम्मीदवार चयन में संभावित पक्षपात के बारे में बढ़ती चिंताओं को दर्शाता है।
चुनाव अधिकारियों ने पुष्टि की है कि बायपोल निर्धारित तिथि पर आयोजित होगा और सुरक्षा व मतदान की व्यवस्था पहले ही तैयार है। दोनों पक्षों ने अभियान शुरू कर दिया है, और नांगों, जो पारंपरिक रूप से कांग्रेस का मजबूत आधार रहा है, अब किसी भी मतदाता प्रवृत्ति में बदलाव के लिए बारीकी से देखा जा रहा है।
गोगोई, जो असम के पर्यावरण और भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलनों में प्रमुख रहे हैं, ने पहले भी राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना की है। उनका यह नवीनतम टिप्पणी बायपोल के निकट आते ही राजनीतिक कथा में एक नया आयाम जोड़ता है, जहाँ मतदाता तय करेंगे कि भाजपा का प्रभाव और बढ़ेगा या कांग्रेस सीट फिर से जीत पाएगी।
चुनाव आयोग ने सभी उम्मीदवारों से शांति पूर्ण अभियान चलाने का आग्रह किया है और कहा है कि किसी भी प्रकार की उकसाने वाली टिप्पणी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित नहीं करनी चाहिए।