📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Jakub Hałun
अपराध
अजमेर कोर्ट ने नाबालिग लड़कियों के यौन अपराधियों को 10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई
✍️ Amar Ujala · Ajmer
🗓 19 सित. 2026, 07:31 PM
👁 9
अजमेर के पॉक्सो कोर्ट ने केकड़ी क्षेत्र की दो नाबालिग लड़कियों के यौन अपराध मामलों में दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को 10 साल की कठोर कारावास की सजा और जुर्माना दिया।
अजमेर के पॉक्सो कोर्ट संख्या‑1 ने केकड़ी क्षेत्र की दो नाबालिग लड़कियों के यौन अपराध मामलों में दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को दस साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई।
इन दो अलग‑अलग मामलों में नाबालिग लड़कियों के खिलाफ किए गए यौन दुराचार की जांच स्थानीय पुलिस ने की और फिर कोर्ट में पेश किया गया। दोनों पीड़ितों ने इस वर्ष की शुरुआत में ही शिकायत दर्ज कराई थी, जिससे न्याय प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ी।
सजा के साथ ही प्रत्येक आरोपी पर जुर्माना भी लगाया गया, जिससे बच्चों के विरुद्ध किए जाने वाले अपराधों के लिए कड़ी सजा का संदेश दिया गया। न्यायाधीश ने कहा कि निरपराध बच्चों के साथ इस तरह की बर्बरता को कानून के तहत सबसे कठोर दंड मिलेगा।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला बाल यौन शोषण (POCSO) अधिनियम की धारा के अनुसार है, जो नाबालिगों को लक्षित करने वाले यौन अपराधों पर कड़ी सजा निर्धारित करता है।
इन दो अलग‑अलग मामलों में नाबालिग लड़कियों के खिलाफ किए गए यौन दुराचार की जांच स्थानीय पुलिस ने की और फिर कोर्ट में पेश किया गया। दोनों पीड़ितों ने इस वर्ष की शुरुआत में ही शिकायत दर्ज कराई थी, जिससे न्याय प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ी।
सजा के साथ ही प्रत्येक आरोपी पर जुर्माना भी लगाया गया, जिससे बच्चों के विरुद्ध किए जाने वाले अपराधों के लिए कड़ी सजा का संदेश दिया गया। न्यायाधीश ने कहा कि निरपराध बच्चों के साथ इस तरह की बर्बरता को कानून के तहत सबसे कठोर दंड मिलेगा।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला बाल यौन शोषण (POCSO) अधिनियम की धारा के अनुसार है, जो नाबालिगों को लक्षित करने वाले यौन अपराधों पर कड़ी सजा निर्धारित करता है।