📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
मनोरंजन
अजय देवगन ने वीमल इलायची विज्ञापन पर FDA नोटिस को चुनौती देने हाई कोर्ट में दायर किया याचिका
✍️ Filmibeat
🗓 31 अक्टू. 2026, 04:12 AM
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बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन ने वीमल इलायची विज्ञापनों के संबंध में FDA के नोटिस को चुनौती देने के लिए हाई कोर्ट में याचिका दायर की है।
बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन ने वीमल इलायची विज्ञापन अभियान को लेकर एफडीए द्वारा जारी नोटिस के खिलाफ राहत मांगते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। अपने कानूनी प्रतिनिधियों के माध्यम से प्रस्तुत याचिका में बताया गया है कि यह नोटिस स्टार की एन्डोर्समेंट को अनुचित रूप से लक्षित करता है और आगे की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई है।
एफडीए ने इस महीने की शुरुआत में जारी नोटिस में कहा था कि वीमल इलायची के विज्ञापनों में उत्पाद के स्वास्थ्य लाभों के बारे में बिना प्रमाण के दावे किए गए हैं, जिससे उपभोक्ताओं को भ्रामित किया जा सकता है। इस कारण एजेंसी ने ब्रांड और उसके एन्डोर्सर दोनों को चेतावनी जारी की थी।
अजय देवगन की टीम का तर्क है कि विज्ञापन मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुरूप हैं और नोटिस उनके वैध उत्पाद एन्डोर्समेंट के अधिकार का उल्लंघन करता है। उन्होंने कोर्ट से नोटिस को निरस्त करने और अभियान को बिना रुकावट जारी रखने की मांग की है।
वर्तमान में मामला अदालत में चल रहा है और निर्णय की प्रतीक्षा है। एफडीए और वीमल इलायची दोनों ने अभी तक कोई अतिरिक्त टिप्पणी नहीं की है, जबकि उद्योग विशेषज्ञ इस मामले को भारतीय विज्ञापन क्षेत्र में सेलिब्रिटी एन्डोर्समेंट के लिए एक महत्त्वपूर्ण मिसाल मान रहे हैं।
एफडीए ने इस महीने की शुरुआत में जारी नोटिस में कहा था कि वीमल इलायची के विज्ञापनों में उत्पाद के स्वास्थ्य लाभों के बारे में बिना प्रमाण के दावे किए गए हैं, जिससे उपभोक्ताओं को भ्रामित किया जा सकता है। इस कारण एजेंसी ने ब्रांड और उसके एन्डोर्सर दोनों को चेतावनी जारी की थी।
अजय देवगन की टीम का तर्क है कि विज्ञापन मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुरूप हैं और नोटिस उनके वैध उत्पाद एन्डोर्समेंट के अधिकार का उल्लंघन करता है। उन्होंने कोर्ट से नोटिस को निरस्त करने और अभियान को बिना रुकावट जारी रखने की मांग की है।
वर्तमान में मामला अदालत में चल रहा है और निर्णय की प्रतीक्षा है। एफडीए और वीमल इलायची दोनों ने अभी तक कोई अतिरिक्त टिप्पणी नहीं की है, जबकि उद्योग विशेषज्ञ इस मामले को भारतीय विज्ञापन क्षेत्र में सेलिब्रिटी एन्डोर्समेंट के लिए एक महत्त्वपूर्ण मिसाल मान रहे हैं।