📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
मनोरंजन
ऐश्वर्या‑अभिषेक ने दीवाली पार्टी में दिखाया क्लासिक रोमांस
✍️ India Today
🗓 06 नव. 2026, 09:17 AM
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बॉलीवुड जोड़े ऐश्वर्या राय बाचचन और अभिषेक बाचचन को एक भव्य दीवाली समारोह में पुरानी रोमांस की झलक दिखाते हुए देखा गया, जिससे प्रशंसकों और मीडिया का दिल खुश हो गया।
दीवाली के अवसर पर मुंबई के सामाजिक कैलेंडर में ऐश्वर्या राय बाचचन और अभिषेक बाचचन की उपस्थिति ने सबका ध्यान खींचा। दोनों ने पारम्परिक त्योहारी पोशाक में प्रवेश किया और एक-दूसरे को गर्म मुस्कुराहट और स्नेहपूर्ण इशारों से देखते हुए क्लासिक बॉलीवुड रोमांस की झलक दी।
देखने वालों ने कहा कि उनके शारीरिक भाषा—मधुर मुस्कान, हल्की हाथों की पकड़ और कभी‑कभी चंचल बातचीत—पुराने युग की प्रेम कहानियों की याद दिलाती है। इस कार्यक्रम में कई सितारे, शानदार सजावट और रंगोलियों की भीड़ थी, पर बाचचन जोड़े की मौजूदगी ने एक नॉस्टैल्जिक आकर्षण जोड़ दिया।
उनकी इस जोड़ी को सोशल मीडिया पर भरपूर सराहना मिली, जहाँ प्रशंसकों ने उनके स्नेह को सराहा। जबकि कोई आधिकारिक बयान नहीं आया, दोनों की तस्वीरें उनके प्रेम को फिर से स्थापित करती हैं।
उद्योग के अंदरूनी लोगों का मानना है कि वरिष्ठ कलाकारों में इस तरह की सार्वजनिक स्नेह अभिव्यक्ति दुर्लभ है, जिससे बाचचन जोड़े की दीवाली उपस्थिति एक विशेष क्षण बन गई।
रात भर संगीत, नृत्य और आतिशबाज़ी के साथ जश्न जारी रहा, पर कई लोगों के लिए मुख्य आकर्षण बाचचन जोड़े का चित्र‑परिपूर्ण क्षण रहा।
देखने वालों ने कहा कि उनके शारीरिक भाषा—मधुर मुस्कान, हल्की हाथों की पकड़ और कभी‑कभी चंचल बातचीत—पुराने युग की प्रेम कहानियों की याद दिलाती है। इस कार्यक्रम में कई सितारे, शानदार सजावट और रंगोलियों की भीड़ थी, पर बाचचन जोड़े की मौजूदगी ने एक नॉस्टैल्जिक आकर्षण जोड़ दिया।
उनकी इस जोड़ी को सोशल मीडिया पर भरपूर सराहना मिली, जहाँ प्रशंसकों ने उनके स्नेह को सराहा। जबकि कोई आधिकारिक बयान नहीं आया, दोनों की तस्वीरें उनके प्रेम को फिर से स्थापित करती हैं।
उद्योग के अंदरूनी लोगों का मानना है कि वरिष्ठ कलाकारों में इस तरह की सार्वजनिक स्नेह अभिव्यक्ति दुर्लभ है, जिससे बाचचन जोड़े की दीवाली उपस्थिति एक विशेष क्षण बन गई।
रात भर संगीत, नृत्य और आतिशबाज़ी के साथ जश्न जारी रहा, पर कई लोगों के लिए मुख्य आकर्षण बाचचन जोड़े का चित्र‑परिपूर्ण क्षण रहा।