📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Eluveitie
शिक्षा
एयर इंडिया को महाराष्ट्र में फ्लाइंग अकादमी के लिए DGCA की मंजूरी मिली
✍️ The Economic Times
🗓 31 अक्टू. 2026, 01:45 PM
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एयर इंडिया को DGCA की मंजूरी मिलते ही महाराष्ट्र में पायलट प्रशिक्षण अकादमी स्थापित करने की योजना को आगे बढ़ा रहा है।
एयर इंडिया ने बताया कि सिविल एविएशन निदेशालय (DGCA) ने महाराष्ट्र में एक फ्लाइंग अकादमी स्थापित करने की अनुमति दे दी है। यह मंजूरी, इकॉनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय एयरलाइन को पायलट प्रशिक्षण के लिए एक समर्पित केंद्र बनाने का मार्ग प्रशस्त करती है।
अकादमी में ग्राउंड स्कूल, सिम्युलेटर सत्र और वास्तविक उड़ान प्रशिक्षण सहित व्यापक पायलट प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदान किए जाएंगे। महाराष्ट्र में इस सुविधा की स्थापना से एयर इंडिया भारत के बढ़ते विमानन क्षेत्र में योग्य पायलटों की बढ़ती मांग को पूरा करने की उम्मीद रखती है।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम एयर इंडिया की प्रतिभा आपूर्ति को सुदृढ़ करेगा और बाहरी प्रशिक्षण प्रदाताओं पर निर्भरता को कम करेगा। बुनियादी ढाँचा और स्टाफ की व्यवस्था पूरी होने पर अकादमी का संचालन शुरू किया जाएगा, जो नियामक मानकों के अनुरूप होगा।
DGCA की इस स्वीकृति को सरकार की विमानन शिक्षा को बढ़ावा देने और देश की कुशल एयरोनॉटिकल पेशेवर क्षमता को बढ़ाने की व्यापक नीति के साथ जोड़ा गया है।
एयर इंडिया की यह पहल उसके दीर्घकालिक विकास रणनीति को दर्शाती है, जहाँ फ्लाइंग अकादमी को मानव संसाधन विकास का एक प्रमुख घटक माना गया है।
अकादमी में ग्राउंड स्कूल, सिम्युलेटर सत्र और वास्तविक उड़ान प्रशिक्षण सहित व्यापक पायलट प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदान किए जाएंगे। महाराष्ट्र में इस सुविधा की स्थापना से एयर इंडिया भारत के बढ़ते विमानन क्षेत्र में योग्य पायलटों की बढ़ती मांग को पूरा करने की उम्मीद रखती है।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम एयर इंडिया की प्रतिभा आपूर्ति को सुदृढ़ करेगा और बाहरी प्रशिक्षण प्रदाताओं पर निर्भरता को कम करेगा। बुनियादी ढाँचा और स्टाफ की व्यवस्था पूरी होने पर अकादमी का संचालन शुरू किया जाएगा, जो नियामक मानकों के अनुरूप होगा।
DGCA की इस स्वीकृति को सरकार की विमानन शिक्षा को बढ़ावा देने और देश की कुशल एयरोनॉटिकल पेशेवर क्षमता को बढ़ाने की व्यापक नीति के साथ जोड़ा गया है।
एयर इंडिया की यह पहल उसके दीर्घकालिक विकास रणनीति को दर्शाती है, जहाँ फ्लाइंग अकादमी को मानव संसाधन विकास का एक प्रमुख घटक माना गया है।