📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / मो० असरफ
राजनीति
वायरल वीडियो विवाद पर AIMIM ने नेता को निकाला, BJP ने कहा निर्णय अन्यायपूर्ण
✍️ NDTV
🗓 29 अग. 2026, 03:39 PM
👁 10
वायरल वीडियो के बाद AIMIM ने एक वरिष्ठ नेता को निकाला, BJP ने इस कदम को अन्यायपूर्ण कहा।
ऑल इंडिया मजलिस‑ए‑इत्तेहादुल मुसलिमीन (AIMIM) ने एक वरिष्ठ नेता को पार्टी से बाहर कर दिया है, क्योंकि उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था और सार्वजनिक आलोचना का कारण बना। पार्टी ने कहा कि यह कदम आंतरिक अनुशासन बनाए रखने और वीडियो की सामग्री से दूरी बनाने के लिए उठाया गया है।
वायरल वीडियो के बाद कई लोगों ने जवाबदेही की माँग की, जबकि नेता का नाम इस संक्षिप्त में नहीं बताया गया। AIMIM ने कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई पार्टी की छवि बचाने और हानिकारक व्यवहार पर शून्य सहनशीलता दिखाने के लिए आवश्यक थी।
भाजपा ने इस निर्णय को "अन्यायपूर्ण" कहा, यह तर्क देते हुए कि यह कदम अनुपातहीन और राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है। भाजपा प्रवक्ता ने निष्पक्ष जांच की मांग की और चेतावनी दी कि अनुशासनात्मक कार्रवाई को राजनीतिक साधन के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
वीडियो की सामग्री या निकाले जाने के सटीक कारणों के बारे में आगे कोई जानकारी नहीं दी गई, और दोनों पक्षों ने कहा कि इस मामले को सार्वजनिक ध्यान में रहने के कारण निकटता से देखा जाएगा।
यह घटना भारतीय राजनीति में सोशल मीडिया की बढ़ती भूमिका को उजागर करती है, जहाँ वायरल सामग्री तेज़ आंतरिक कदमों को प्रेरित कर सकती है और पार्टियों के बीच बहस को जन्म दे सकती है।
वायरल वीडियो के बाद कई लोगों ने जवाबदेही की माँग की, जबकि नेता का नाम इस संक्षिप्त में नहीं बताया गया। AIMIM ने कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई पार्टी की छवि बचाने और हानिकारक व्यवहार पर शून्य सहनशीलता दिखाने के लिए आवश्यक थी।
भाजपा ने इस निर्णय को "अन्यायपूर्ण" कहा, यह तर्क देते हुए कि यह कदम अनुपातहीन और राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है। भाजपा प्रवक्ता ने निष्पक्ष जांच की मांग की और चेतावनी दी कि अनुशासनात्मक कार्रवाई को राजनीतिक साधन के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
वीडियो की सामग्री या निकाले जाने के सटीक कारणों के बारे में आगे कोई जानकारी नहीं दी गई, और दोनों पक्षों ने कहा कि इस मामले को सार्वजनिक ध्यान में रहने के कारण निकटता से देखा जाएगा।
यह घटना भारतीय राजनीति में सोशल मीडिया की बढ़ती भूमिका को उजागर करती है, जहाँ वायरल सामग्री तेज़ आंतरिक कदमों को प्रेरित कर सकती है और पार्टियों के बीच बहस को जन्म दे सकती है।