📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / విశ్వనాధ్.బి.కె.
टेक्नोलॉजी
2027 के गोदावरी पुष्करालु में भीड़ नियंत्रण के लिए एआई का उपयोग
✍️ The Hindu
🗓 26 अग. 2026, 02:36 AM
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आंध्र प्रदेश सरकार 2027 के गोदावरी पुष्करालु में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करेगी।
आंध्र प्रदेश सरकार ने घोषणा की है कि 2027 के गोदावरी पुष्करालु में भीड़ नियंत्रण के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग किया जाएगा। यह प्रमुख हिन्दू तीर्थयात्रा, जो गोदावरी नदी के किनारे आयोजित होती है, में एआई‑आधारित उपकरण कैमरों और सेंसरों से वास्तविक‑समय डेटा का विश्लेषण करके भीड़ के जमावड़े की भविष्यवाणी करेंगे और सुरक्षा कर्मियों को उचित दिशा‑निर्देश देंगे। इस पहल का उद्देश्य भीड़ की सुरक्षा बढ़ाना, धक्का‑धक्के जैसी घटनाओं को रोकना और लाखों श्रद्धालुओं के प्रवाह को सुगम बनाना है।
तकनीकी विवरण अभी तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, पर सरकार मौजूदा निगरानी प्रणाली के साथ एआई विश्लेषण को जोड़ने की योजना बना रही है। यह कदम बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों में स्मार्ट समाधान अपनाने की राष्ट्रीय प्रवृत्ति को दर्शाता है। द हिन्दू ने इस योजना की रिपोर्ट की, यह बताते हुए कि यह तीर्थयात्रा बारह साल में एक बार आयोजित होती है और इसमें करोड़ों श्रद्धालु भाग लेते हैं।
एआई‑आधारित भीड़ प्रबंधन प्रणाली को 2027 के संस्करण के लिए तैयार किया जाएगा, जिससे अधिकारियों को परीक्षण और सुधार का पर्याप्त समय मिलेगा। सफलता मिलने पर यह मॉडल भविष्य में भारत के अन्य धार्मिक समारोहों में भी अपनाया जा सकता है।
तकनीकी विवरण अभी तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, पर सरकार मौजूदा निगरानी प्रणाली के साथ एआई विश्लेषण को जोड़ने की योजना बना रही है। यह कदम बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों में स्मार्ट समाधान अपनाने की राष्ट्रीय प्रवृत्ति को दर्शाता है। द हिन्दू ने इस योजना की रिपोर्ट की, यह बताते हुए कि यह तीर्थयात्रा बारह साल में एक बार आयोजित होती है और इसमें करोड़ों श्रद्धालु भाग लेते हैं।
एआई‑आधारित भीड़ प्रबंधन प्रणाली को 2027 के संस्करण के लिए तैयार किया जाएगा, जिससे अधिकारियों को परीक्षण और सुधार का पर्याप्त समय मिलेगा। सफलता मिलने पर यह मॉडल भविष्य में भारत के अन्य धार्मिक समारोहों में भी अपनाया जा सकता है।