📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Steve Jurvetson
मनोरंजन
बाड़मेर में अग्रसेन जयंती महोत्सव: शिव‑पार्वती विवाह व द्रौपदी चीरहरण का मंचन
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 10 अक्टू. 2026, 11:31 AM
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अग्रवाल समाज ने बाड़मेर में शुक्रवार रात समाज भवन में सांस्कृतिक संध्या आयोजित की, जिसमें शिव‑पार्वती विवाह और महाभारत के द्रौपदी चीरहरण का मंचन किया गया।
बाड़मेर, राजस्थान – अग्रसेन जयंती के उपलक्ष्य में अग्रवाल समाज ने शुक्रवार रात स्टेशन रोड स्थित समाज भवन में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक संगीत और नृत्य से हुई, जिससे स्थानीय जनता और समाज के सदस्य उत्सव की भावना में डूब गए।
संध्या का मुख्य आकर्षण शिव‑पार्वती विवाह का मंचन था, जिसमें शास्त्रीय नृत्य और आधुनिक कथा शैली का मिश्रण दिखाया गया। आयोजकों ने कहा कि यह प्रस्तुति समुदाय की सांस्कृतिक विरासत को उजागर करने और एकता‑भक्ति के मूल्यों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से तैयार की गई थी।
इसके बाद महाभारत के द्रौपदी चीरहरण दृश्य का नाट्य रूप में मंचन किया गया। यह प्रसंग भारतीय सांस्कृतिक स्मृति में गहरा प्रभाव रखता है, और इसे धर्म और साहस की सीख के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिससे दर्शकों से सराहना मिली।
समारोह के अंत में समाज के प्रमुखों ने भागीदारों का धन्यवाद किया और पारम्परिक कला को संरक्षित रखने के महत्व पर बल दिया। यह महोत्सव अग्रसेन जयंती के अवसर पर हर साल आयोजित होता है, जो विभिन्न स्थानों से आए अग्रवालों को सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से जोड़ता है।
संध्या का मुख्य आकर्षण शिव‑पार्वती विवाह का मंचन था, जिसमें शास्त्रीय नृत्य और आधुनिक कथा शैली का मिश्रण दिखाया गया। आयोजकों ने कहा कि यह प्रस्तुति समुदाय की सांस्कृतिक विरासत को उजागर करने और एकता‑भक्ति के मूल्यों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से तैयार की गई थी।
इसके बाद महाभारत के द्रौपदी चीरहरण दृश्य का नाट्य रूप में मंचन किया गया। यह प्रसंग भारतीय सांस्कृतिक स्मृति में गहरा प्रभाव रखता है, और इसे धर्म और साहस की सीख के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिससे दर्शकों से सराहना मिली।
समारोह के अंत में समाज के प्रमुखों ने भागीदारों का धन्यवाद किया और पारम्परिक कला को संरक्षित रखने के महत्व पर बल दिया। यह महोत्सव अग्रसेन जयंती के अवसर पर हर साल आयोजित होता है, जो विभिन्न स्थानों से आए अग्रवालों को सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से जोड़ता है।