📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Stephen Craven
राजनीति
आदि युवा समूह ने अरुणाचल में एसयूएमपी पर बल हटाने व संवाद की मांग की
✍️ India Today NE
🗓 07 अक्टू. 2026, 10:01 AM
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अरुणाचल प्रदेश में आदि युवा संगठन ने विशेष उपयोग प्रबंधन योजना (एसयूएमपी) के खिलाफ विरोध तेज़ किया, सुरक्षा बलों को हटाने और सरकार से संवाद की मांग की।
अरुणाचल प्रदेश के आदि युवा समूह ने राज्य के विशेष उपयोग प्रबंधन योजना (एसयूएमपी) के खिलाफ विरोध को तेज़ कर दिया है। इस सप्ताह शुरुआती बयान में उन्होंने सुरक्षा बलों को हटाने और समुदाय के साथ सीधे संवाद की मांग की है।
समूह का कहना है कि तैनात सशस्त्र बलों ने तनाव बढ़ा दिया है और योजना के स्थानीय जीवन पर प्रभाव को लेकर रचनात्मक चर्चा में बाधा उत्पन्न की है। वे मानते हैं कि आदिवासी समुदाय की चिंताओं को सुलझाने के लिए सैन्य उपायों के बजाय परामर्शात्मक दृष्टिकोण आवश्यक है।
युवा समूह ने राज्य अधिकारियों के साथ तत्काल बैठक का आह्वान किया है, ताकि एसयूएमपी के उद्देश्यों को स्पष्ट किया जा सके और स्थानीय अधिकारों व परंपराओं का सम्मान करने वाले विकल्पों पर विचार किया जा सके। अभी तक सरकार की कोई प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं हुई है।
यह विरोध क्षेत्र में विकास परियोजनाओं को लेकर जनजातीय समूहों की बढ़ती असुरक्षा को दर्शाता है, जिन्हें वे अपनी जमीन और सांस्कृतिक विरासत के लिए खतरा मानते हैं। सभी पक्ष इस बात पर नज़र रख रहे हैं कि संवाद की मांग का परिणाम क्या होता है।
आदि युवा समूह ने शांति पूर्ण प्रदर्शनों को जारी रखने का संकल्प लिया है, जब तक उनके बल हटाने और सार्थक संवाद की मांगें पूरी नहीं हो जातीं।
समूह का कहना है कि तैनात सशस्त्र बलों ने तनाव बढ़ा दिया है और योजना के स्थानीय जीवन पर प्रभाव को लेकर रचनात्मक चर्चा में बाधा उत्पन्न की है। वे मानते हैं कि आदिवासी समुदाय की चिंताओं को सुलझाने के लिए सैन्य उपायों के बजाय परामर्शात्मक दृष्टिकोण आवश्यक है।
युवा समूह ने राज्य अधिकारियों के साथ तत्काल बैठक का आह्वान किया है, ताकि एसयूएमपी के उद्देश्यों को स्पष्ट किया जा सके और स्थानीय अधिकारों व परंपराओं का सम्मान करने वाले विकल्पों पर विचार किया जा सके। अभी तक सरकार की कोई प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं हुई है।
यह विरोध क्षेत्र में विकास परियोजनाओं को लेकर जनजातीय समूहों की बढ़ती असुरक्षा को दर्शाता है, जिन्हें वे अपनी जमीन और सांस्कृतिक विरासत के लिए खतरा मानते हैं। सभी पक्ष इस बात पर नज़र रख रहे हैं कि संवाद की मांग का परिणाम क्या होता है।
आदि युवा समूह ने शांति पूर्ण प्रदर्शनों को जारी रखने का संकल्प लिया है, जब तक उनके बल हटाने और सार्थक संवाद की मांगें पूरी नहीं हो जातीं।