📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Dani Charles Silverscreen Media Inc. (https://silv
राजनीति
विजय ने एमके स्टालिन की टीवीके महिला उम्मीदवार पर टिप्पणी को ‘अश्लील, विकृत’ कहा
✍️ ndtv.com
🗓 04 अक्टू. 2026, 12:32 PM
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तमिल फिल्म स्टार विजय ने टीवीके की महिला उम्मीदवार पर मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की टिप्पणी को ‘अश्लील, विकृत’ कहा।
इस हफ्ते की शुरुआत में लोकप्रिय तमिल अभिनेता विजय ने तमिलनाडु वन्नियाल कच्ची (टीवीके) की महिला उम्मीदवार पर मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के बयान को सार्वजनिक रूप से निंदा की। उन्होंने इन टिप्पणियों को "अश्लील" और "विकृत" कहा, यह कहते हुए कि ऐसी भाषा महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाती है।
विजय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया चैनल पर एक छोटा वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने कहा, "जब कोई नेता महिला उम्मीदवार के बारे में अपमानजनक भाषा प्रयोग करता है, तो यह हमारे राजनीतिक संवाद में गहरी समस्या को दर्शाता है।" उन्होंने सभी दलों से महिला उम्मीदवारों का सम्मान करने और मुद्दों पर चर्चा करने का आग्रह किया।
स्टालिन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने बयान में टीवीके की उम्मीदवार की उपयुक्तता पर सवाल उठाए, लेकिन कारण स्पष्ट नहीं किए, जिससे विपक्षी नेताओं और नागरिक समाज समूहों में गुस्सा आया। टीवीके ने अपनी उम्मीदवार के योग्यता और सार्वजनिक सेवा के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह टकराव राज्य में आगामी स्थानीय चुनावों से पहले ruling DMK और उभरते क्षेत्रीय दलों के बीच बढ़ती तनाव को दर्शाता है। वे चेतावनी देते हैं कि व्यक्तिगत अपमान मतदाताओं को विभाजित कर सकते हैं और नीति चर्चा से ध्यान हटा सकते हैं।
इस घटना ने राजनीतिक भाषा में कड़ाई की मांग को फिर से उजागर किया है, कई विधायकों ने विधानसभा में एक ऐसा आचार संहिता अपनाने का प्रस्ताव रखा है जो लैंगिक भेदभावपूर्ण टिप्पणियों को दंडनीय बनाए।
विजय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया चैनल पर एक छोटा वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने कहा, "जब कोई नेता महिला उम्मीदवार के बारे में अपमानजनक भाषा प्रयोग करता है, तो यह हमारे राजनीतिक संवाद में गहरी समस्या को दर्शाता है।" उन्होंने सभी दलों से महिला उम्मीदवारों का सम्मान करने और मुद्दों पर चर्चा करने का आग्रह किया।
स्टालिन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने बयान में टीवीके की उम्मीदवार की उपयुक्तता पर सवाल उठाए, लेकिन कारण स्पष्ट नहीं किए, जिससे विपक्षी नेताओं और नागरिक समाज समूहों में गुस्सा आया। टीवीके ने अपनी उम्मीदवार के योग्यता और सार्वजनिक सेवा के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह टकराव राज्य में आगामी स्थानीय चुनावों से पहले ruling DMK और उभरते क्षेत्रीय दलों के बीच बढ़ती तनाव को दर्शाता है। वे चेतावनी देते हैं कि व्यक्तिगत अपमान मतदाताओं को विभाजित कर सकते हैं और नीति चर्चा से ध्यान हटा सकते हैं।
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