📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Mheil
राजनीति
एबीवीपी ने डीयू में 3 सीटें जीतकर एमपी में कैंपस राजनीति को फिर से जगाया
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 21 सित. 2026, 07:15 PM
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इंदौर के डीयू में एबीवीपी ने छात्र संघ चुनाव में तीन सीटें जीतकर नौ वर्ष के बाद कैंपस राजनीति को फिर से जीवित किया।
इंदौर के डीयू में नौ वर्ष के बाद छात्र संघ चुनाव फिर से शुरू हुए, जिसमें अखिल भारतीय विद्यारथी परिषद (एबीवीपी) ने तीन पदों पर जीत दर्ज की।
चुनाव में एबीवीपी के उम्मीदवारों ने अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और महासचिव पदों के लिए मुकाबला किया और विजयी होकर संगठन की कैंपस में उपस्थिति को मजबूत किया।
विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने बताया कि चुनाव स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के तहत आयोजित किया गया और उपस्थिति सामान्य रही। एबीवीपी की जीत ने उनके समर्थकों को उत्साहित किया, जबकि राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) भी भविष्य के चुनावों के लिए तैयारी कर रहा है।
इस परिणाम ने संकाय और छात्रों के बीच छात्र राजनीति की भूमिका पर चर्चा को बढ़ावा दिया, और कई लोगों का मानना है कि चुनाव से कैंपस मुद्दों पर आवाज़ उठाने का नया अवसर मिलेगा।
डीयू के वरिष्ठ व्याख्याता अभिजीत ने कहा, "चुनाव ने छात्र प्रतिनिधित्व के लिए एक नया अध्याय खोला है, जिससे विश्वविद्यालय शासन में आवाज़ें सुनी जा सकती हैं।"
चुनाव में एबीवीपी के उम्मीदवारों ने अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और महासचिव पदों के लिए मुकाबला किया और विजयी होकर संगठन की कैंपस में उपस्थिति को मजबूत किया।
विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने बताया कि चुनाव स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के तहत आयोजित किया गया और उपस्थिति सामान्य रही। एबीवीपी की जीत ने उनके समर्थकों को उत्साहित किया, जबकि राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) भी भविष्य के चुनावों के लिए तैयारी कर रहा है।
इस परिणाम ने संकाय और छात्रों के बीच छात्र राजनीति की भूमिका पर चर्चा को बढ़ावा दिया, और कई लोगों का मानना है कि चुनाव से कैंपस मुद्दों पर आवाज़ उठाने का नया अवसर मिलेगा।
डीयू के वरिष्ठ व्याख्याता अभिजीत ने कहा, "चुनाव ने छात्र प्रतिनिधित्व के लिए एक नया अध्याय खोला है, जिससे विश्वविद्यालय शासन में आवाज़ें सुनी जा सकती हैं।"