🔥 TRENDING Two abducted by NSCN militants in Tira... J&K Government Approves ₹29.88 Crore M... Jammu & Kashmir to Notify New Resident... Earthquake Threat in Jammu & Kashmir H... ABVP, Karni Sena clash at Indore's Hol... Teachers start sit‑in at Bhopal’s Neel...
27 Sep 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
अंबिकापुर के निजी स्कूल में छात्र को कथित रूप से 200 बार अपशब्द लिखने की सजा, DEO ने दिए जांच के आदेश

अंबिकापुर के निजी स्कूल में छात्र को कथित रूप से 200 बार अपशब्द लिखने की सजा, DEO ने दिए जांच के आदेश

✍️ Reporter: Pankaj sahu 🗓 30 Jul 2026, 05:44 PM 👁 66
Share: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

अंबिकापुर के एक निजी स्कूल में कक्षा 8वीं के छात्र को कथित तौर पर 100 बार हिंदी और 100 बार अंग्रेजी में एक अपमानजनक गाली लिखने के लिए कहा गया। घटना सामने आने के बाद अभिभावकों ने विरोध जताया। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। Date: 30 July 2026 Location: Ambikapur, Surguja (Chhattisgarh) Reported by: Pankaj Sahu Citizen Reporter | Need24 News

अंबिकापुर। शहर के बिरला ओपन माइंड इंटरनेशनल स्कूल, अंबिकापुर में कक्षा 8वीं के एक छात्र को कथित रूप से अनुशासनात्मक कार्रवाई के नाम पर कॉपी में 100 बार हिंदी और 100 बार अंग्रेजी में एक अपमानजनक गाली लिखने के लिए कहे जाने का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी सामने आने के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।

अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय बच्चों को शिक्षा, संस्कार और सकारात्मक वातावरण देने का स्थान होता है। यदि किसी छात्र को अनुशासन सिखाने के लिए इस प्रकार के शब्द लिखवाए जाते हैं, तो इससे उसके मानसिक, नैतिक और भावनात्मक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में ऐसी घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं।

मामले की जानकारी मिलने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने जांच के आदेश दिए हैं। जांच में संबंधित शिक्षक, स्कूल प्रबंधन और अन्य पक्षों के बयान लिए जाएंगे। जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अभिभावकों और नागरिकों ने मांग की है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी प्रशासनिक एवं विभागीय कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी छात्र के साथ इस प्रकार की घटना दोबारा न हो।

विशेषज्ञों का मानना है कि विद्यालयों में अनुशासन बनाए रखना आवश्यक है, लेकिन इसके लिए ऐसे तरीके अपनाए जाने चाहिए जो बच्चों के सम्मान, आत्मविश्वास और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित न करें।

Need24 News
Ambikapur | Surguja | Chhattisgarh
📲Get App