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अपराध
अभिजीत डिपके को शर्तीय जमानत मिली, शांति बांड पर हस्ताक्षर अनिवार्य
✍️ The Economic Times
🗓 18 अक्टू. 2026, 07:03 AM
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मुख्य न्यायाधीश अभिजीत डिपके को शर्तीय जमानत पर रिहा कर दिया गया है। उन्हें शर्त के रूप में शांति बांड पर हस्ताक्षर करना अनिवार्य है।
मुख्य न्यायाधीश अभिजीत डिपके को शर्तीय जमानत पर रिहा कर दिया गया है, जिसके बाद अदालत ने उन्हें शांति बांड पर हस्ताक्षर करने का आदेश दिया। यह शांति बांड उन्हें अदालत के आदेशों का पालन करने और शांति बनाए रखने के लिए बाध्य करता है।
जमानत की शर्तों में नियमित रूप से अदालत में रिपोर्ट करना और यात्रा पर प्रतिबंध शामिल हैं। यदि ये शर्तें पूरी नहीं की गईं तो जमानत रद्द की जा सकती है और आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
डिपके की रिहाई उन जांचों के बाद हुई है जिनमें उनके खिलाफ अनुचित आचरण के आरोप हैं। अदालत ने जोर देकर कहा कि शांति बांड जांच की अखंडता को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि शर्तीय जमानत उन मामलों में सामान्य है जहाँ आरोपी को खतरा नहीं माना जाता, परन्तु फिर भी निगरानी की आवश्यकता होती है। शांति बांड अतिरिक्त सुरक्षा के रूप में कार्य करता है।
इस निर्णय को कुछ कानूनी निरीक्षकों ने सराहा है, जिन्होंने कहा कि यह आरोपी के अधिकारों और जवाबदेही की आवश्यकता के बीच संतुलन बनाता है।
जमानत की शर्तों में नियमित रूप से अदालत में रिपोर्ट करना और यात्रा पर प्रतिबंध शामिल हैं। यदि ये शर्तें पूरी नहीं की गईं तो जमानत रद्द की जा सकती है और आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
डिपके की रिहाई उन जांचों के बाद हुई है जिनमें उनके खिलाफ अनुचित आचरण के आरोप हैं। अदालत ने जोर देकर कहा कि शांति बांड जांच की अखंडता को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि शर्तीय जमानत उन मामलों में सामान्य है जहाँ आरोपी को खतरा नहीं माना जाता, परन्तु फिर भी निगरानी की आवश्यकता होती है। शांति बांड अतिरिक्त सुरक्षा के रूप में कार्य करता है।
इस निर्णय को कुछ कानूनी निरीक्षकों ने सराहा है, जिन्होंने कहा कि यह आरोपी के अधिकारों और जवाबदेही की आवश्यकता के बीच संतुलन बनाता है।