🔥 ट्रेंडिंग सफलता की कहानी-2* *राजमथाई पशुपालकों क... राष्ट्रीय कार्यकारिणी अध्यक्ष शुभ चतुर... बीजेपी को नंदिग्राम बायपोल में जीत की... ओपनएआई की एआई एजेंटों से 53 छवियों के... बीजेपी गठबंधन ने विपक्ष पर लोकतंत्र को... चुनाव आयोग ने नई पूर्वनिर्धारित एजेंडा...
27 सित. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
आत्महत्या के उत्प्रेरण को अपराध घोषित: भारतीय कानून
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / President's Secretariat
अपराध

आत्महत्या के उत्प्रेरण को अपराध घोषित: भारतीय कानून

✍️ The Times of India 🗓 27 सित. 2026, 05:18 AM 👁 15
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने बताया कि आत्महत्या को प्रोत्साहित या मदद करना भारतीय कानून के तहत दंडनीय है।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने बताया कि किसी को आत्महत्या करने के लिए उकसाना, प्रेरित करना या सहायता प्रदान करना भारत में आपराधिक अपराध माना जाता है। भारतीय दंड संहिता के तहत आत्महत्या के उत्प्रेरण पर दंडात्मक प्रावधान है, जो इस व्यवहार की गंभीरता को दर्शाता है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह धारा मौखिक दबाव, लिखित संदेश या अन्य साधनों से किसी को प्रभावित करने को रोकने के लिए बनाई गई है।
अदालतें लगातार यह मानती रही हैं कि अप्रत्यक्ष प्रोत्साहन भी उत्प्रेरण माना जा सकता है, और दोषी को सजा के रूप में कारावास और जुर्माना हो सकता है।
यह रिपोर्ट इस बात की याद दिलाती है कि शब्द और कार्य जो किसी को आत्म‑हानि की ओर ले जाते हैं, केवल नैतिक लापरवाही नहीं बल्कि कानून के तहत दंडनीय अपराध हैं।
📲Get App