आवास योजना से IGRS तक लापरवाही के आरोप, जामो के ग्राम विकास अधिकारी राजकुमार निलंबित
अमेठी। विकास कार्यों में लापरवाही और विभिन्न मामलों में अनियमितता के आरोपों के चलते जामो ब्लॉक में तैनात ग्राम विकास अधिकारी राजकुमार पर निलंबन की गाज गिरी है। उनके खिलाफ प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही, आईजीआरएस शिकायतों पर भ्रामक एवं त्रुटिपूर्ण आख्या प्रस्तुत करने और परिवार रजिस्टर की नकल जारी करने में अनियमितता समेत कई आरोप लगाए गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम विकास अधिकारी राजकुमार के विरुद्ध पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने की शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। निलंबन के बाद उन्हें शुकुल बाजार ब्लॉक से संबद्ध कर दिया गया है। वहीं, संबंधित प्रकरण की जांच की जिम्मेदारी शुकुल बाजार के सहायक विकास अधिकारी (एडीओ) को सौंपी गई है।
ग्राम विकास अधिकारी पर लगाए गए आरोपों में प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यों में अपेक्षित जिम्मेदारी नहीं निभाने के साथ ही जनशिकायतों के निस्तारण में भी लापरवाही बरतने का मामला शामिल है। इसके अलावा, आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के संबंध में भ्रामक एवं त्रुटिपूर्ण आख्या देने तथा परिवार रजिस्टर की नकल जारी करने में अनियमितता के आरोप भी हैं।
इस कार्रवाई के बाद विकास विभाग में हलचल तेज हो गई है। अब जांच अधिकारी संबंधित मामलों के अभिलेखों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आरोपों की पड़ताल करेंगे। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी।
फिलहाल, निलंबन की कार्रवाई के बाद पूरे मामले की जांच पर नजरें टिकी हैं। जांच में आरोपों की पुष्टि होने या अन्य तथ्य सामने आने के बाद प्रकरण में अगला कदम उठाया जाएगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम विकास अधिकारी राजकुमार के विरुद्ध पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने की शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। निलंबन के बाद उन्हें शुकुल बाजार ब्लॉक से संबद्ध कर दिया गया है। वहीं, संबंधित प्रकरण की जांच की जिम्मेदारी शुकुल बाजार के सहायक विकास अधिकारी (एडीओ) को सौंपी गई है।
ग्राम विकास अधिकारी पर लगाए गए आरोपों में प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यों में अपेक्षित जिम्मेदारी नहीं निभाने के साथ ही जनशिकायतों के निस्तारण में भी लापरवाही बरतने का मामला शामिल है। इसके अलावा, आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के संबंध में भ्रामक एवं त्रुटिपूर्ण आख्या देने तथा परिवार रजिस्टर की नकल जारी करने में अनियमितता के आरोप भी हैं।
इस कार्रवाई के बाद विकास विभाग में हलचल तेज हो गई है। अब जांच अधिकारी संबंधित मामलों के अभिलेखों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आरोपों की पड़ताल करेंगे। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी।
फिलहाल, निलंबन की कार्रवाई के बाद पूरे मामले की जांच पर नजरें टिकी हैं। जांच में आरोपों की पुष्टि होने या अन्य तथ्य सामने आने के बाद प्रकरण में अगला कदम उठाया जाएगा।