📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Jholawala Films
शिक्षा
छत्तीसगढ़ की आक़र पहल ने विकलांग बच्चों को आत्मनिर्भर बनाया
✍️ The News Mill
🗓 17 सित. 2026, 03:47 AM
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छत्तीसगढ़ की आक़र पहल विकलांग बच्चों को जीवन कौशल और व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बना रही है।
छत्तीसगढ़ की गैर‑सरकारी संस्था आक़र ने शारीरिक व बौद्धिक विकलांग बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक विशेष कार्यक्रम शुरू किया है। राजधानी रायपुर में स्थित यह पहल दैनिक जीवन की चुनौतियों को दूर करने के लिए चिकित्सीय सहायता को व्यावहारिक कौशल विकास के साथ जोड़ती है।
बच्चों को बुनियादी स्वच्छता, संचार और गतिशीलता के साथ-साथ हस्तशिल्प, कंप्यूटर मूलभूत ज्ञान और छोटे‑स्तर के उद्यमिता जैसे व्यावसायिक मॉड्यूल सिखाए जाते हैं। प्रशिक्षित स्वयंसेवक और विशेषज्ञ प्रत्येक बच्चे की क्षमता के अनुसार व्यावहारिक सत्र आयोजित करते हैं।
कार्यक्रम ने शुरू होने के बाद से ग्रामीण और शहरी जिलों के सौ से अधिक बच्चों को शामिल किया है। प्रारम्भिक मूल्यांकन से पता चलता है कि बच्चों में आत्मविश्वास, दैनिक कार्यों में स्वतंत्रता और सामुदायिक कार्यक्रमों में भागीदारी में उल्लेखनीय सुधार आया है। माता‑पिता बताते हैं कि अब उनके बच्चे व्यक्तिगत स्वच्छता और साधारण घरेलू कामों में मदद कर सकते हैं।
आक़र आगे और जिलों में अपनी पहुंच बढ़ाने और उन्नत व्यावसायिक प्रशिक्षण जोड़ने की योजना बना रहा है, ताकि प्रतिभागी वयस्कता में प्रवेश करने पर स्थायी आजीविका के अवसर प्राप्त कर सकें।
बच्चों को बुनियादी स्वच्छता, संचार और गतिशीलता के साथ-साथ हस्तशिल्प, कंप्यूटर मूलभूत ज्ञान और छोटे‑स्तर के उद्यमिता जैसे व्यावसायिक मॉड्यूल सिखाए जाते हैं। प्रशिक्षित स्वयंसेवक और विशेषज्ञ प्रत्येक बच्चे की क्षमता के अनुसार व्यावहारिक सत्र आयोजित करते हैं।
कार्यक्रम ने शुरू होने के बाद से ग्रामीण और शहरी जिलों के सौ से अधिक बच्चों को शामिल किया है। प्रारम्भिक मूल्यांकन से पता चलता है कि बच्चों में आत्मविश्वास, दैनिक कार्यों में स्वतंत्रता और सामुदायिक कार्यक्रमों में भागीदारी में उल्लेखनीय सुधार आया है। माता‑पिता बताते हैं कि अब उनके बच्चे व्यक्तिगत स्वच्छता और साधारण घरेलू कामों में मदद कर सकते हैं।
आक़र आगे और जिलों में अपनी पहुंच बढ़ाने और उन्नत व्यावसायिक प्रशिक्षण जोड़ने की योजना बना रहा है, ताकि प्रतिभागी वयस्कता में प्रवेश करने पर स्थायी आजीविका के अवसर प्राप्त कर सकें।