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04 Oct 2026•
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आज से लागू आचार संहिता
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आज से लागू आचार संहिता

✍️ Reporter: Mubarak kathat 🗓 04 Oct 2026, 10:36 AM 👁 12
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आचार संहिता (Model Code of Conduct) चुनाव आयोग द्वारा स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए नियमों का एक समूह है, जो चुनाव की तारीखों के एलान के साथ ही लागू हो जाता है। इसके तहत सरकार नई योजनाओं की घोषणा, तबादले या सरकारी संसाधनों का चुनावी प्रचार में इस्तेमाल नहीं कर सकती, और सभी राजनीतिक दलों को प्रचार व भाषणों के दौरान तय सीमाओं का पालन करना अनिवार्य होता है।

राजस्थान में अक्टूबर 2026 में घोषित पंचायती राज चुनावों के साथ ही आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई है। इसके तहत नए विकास कार्यों की घोषणा, सरकारी कार्यादेश जारी करने, चुनावी रैलियों और नतीजों के बाद विजय जुलूस निकालने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
सरकारी मशीनरी और वाहनों के दुरुपयोग पर भी रोक लगाई गई है मंत्री या अधिकारी सरकारी दौरों को चुनावी प्रचार के साथ नहीं जोड़ सकते और न ही मतदाताओं को लुभाने के लिए कोई नई वित्तीय योजना पेश कर सकते हैं।
साथ ही, राज्य सरकार किसी भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी का तबादला नहीं कर सकती। चुनाव आयोग की अनुमति के बिना कोई भी नई नियुक्ति या पदोन्नति संभव नहीं है।
राजस्थान पंचायती राज चुनाव 2026 के लिए लागू आचार संहिता और निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन के मुख्य नियम:
* चुनावी खर्च की सीमा:
* जिला परिषद सदस्य उम्मीदवार: अधिकतम 3 लाख रुपये।
* पंचायत समिति सदस्य उम्मीदवार: अधिकतम 1.50 लाख रुपये।
* सरपंच पद का उम्मीदवार: अधिकतम 1 लाख रुपये।
* चुनाव परिणाम घोषित होने के 15 दिनों के भीतर खर्च का पूरा विवरण आयोग को सौंपना अनिवार्य है।
* प्रचार वाहनों की सीमा:
* जिला परिषद सदस्य अधिकतम 3 वाहन, पंचायत समिति सदस्य 2 वाहन और सरपंच पद प्रत्याशी केवल 1 प्रचार वाहन का उपयोग कर सकते हैं।
* प्रचार के लिए बस, ट्रक, मिनी बस और पशु-चालित वाहनों के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
* लाउडस्पीकर व सभाओं पर रोक:
* रात 10:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक लाउडस्पीकर बजाने पर पाबंदी है।
* अस्पताल, स्कूल और धार्मिक स्थलों के 100 मीटर के दायरे में लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति नहीं है।
* पोस्टर, बैनर और मतदान केंद्र:
* किसी भी निजी संपत्ति पर पोस्टर या बैनर लगाने के लिए मकान मालिक की लिखित अनुमति अनिवार्य है।
* मतदान केंद्र के 200 मीटर के दायरे में किसी भी तरह की प्रचार सामग्री या चुनावी बस्ते लगाने की अनुमति नहीं होगी।
* नामांकन एवं जुलूस पर कड़े नियम:
* नामांकन दाखिल करते समय उम्मीदवार के साथ अधिकतम 5 व्यक्तियों को ही निर्वाचन अधिकारी के कक्ष में जाने की अनुमति है।
* मतदान समाप्ति से 48 घंटे पहले शराब की बिक्री/वितरण पर पूर्ण पाबंदी रहेगी, और परिणाम आने के बाद किसी भी तरह के विजय जुलूस पर रोक लगाई गई है।
आचार संहिता के नियमों का उल्लंघन करने पर उम्मीदवार के खिलाफ जुर्माना और 6 साल तक के लिए चुनाव लड़ने से अयोग्य ठहराए जाने की कार्रवाई हो सकती है।
आचार संहिता के दौरान सुरक्षा, निगरानी और कानूनी कार्रवाई से जुड़े नियम:
* हथियार जमा कराने की अनिवार्यता:
* चुनाव की घोषणा के साथ ही लाइसेंसी हथियार धारकों को अपने हथियार नजदीकी थाने में जमा कराने होते हैं।
* केवल बैंक सुरक्षाकर्मियों या विशेष छूट प्राप्त लोगों को ही हथियार रखने की अनुमति मिलती है।
* नकद और शराब पर निगरानी (FST और SST):
* उड़न दस्ते (Flying Squad Teams) और स्थैतिक निगरानी दल (Static Surveillance Teams) पूरे क्षेत्र में तैनात रहते हैं।
* बिना वैध दस्तावेजों के 50,000 रुपये से अधिक नकद ले जाने पर जब्ती की कार्रवाई की जा सकती है।
* मतदाताओं को नकदी, कपड़े, बर्तन या अन्य सामान बांटने को रिश्वत की श्रेणी में रखकर सीधे मुकदमा दर्ज किया जाता है।
* सोशल मीडिया और पेड न्यूज पर नजर:
* उम्मीदवारों के व्हाट्सएप ग्रुप, फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब विज्ञापनों पर 'मीडिया प्रमाणन एवं निगरानी समिति' (MCMC) नजर रखती है।
* भड़काऊ, जातिगत या धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले पोस्ट पर सीधे IT एक्ट और आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज होता है।
* धारा 144 और सभाएं:
* संवेदनशील क्षेत्रों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 144 (या BNSS के तहत निवारक धाराएं) लागू की जाती हैं।
* बिना अनुमति के 5 या अधिक व्यक्तियों के एक जगह जुटने या चुनावी रैली निकालने पर रोक रहती है।
* शिकायत निवारण (C-Vigil / कंट्रोल रूम):
* आम नागरिक चुनाव आयोग के कंट्रोल रूम या पोर्टल के जरिए आचार संहिता उल्लंघन की लाइव लोकेशन और फोटो के साथ शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिस पर 100 मिनट के भीतर कार्रवाई का प्रावधान होता है।
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