🔥 TRENDING Autonomy for Ladakh: Implications for... SC Rules Haryana Woman Denied Indian O... Chhattisgarh Tribal Welfare Department... Kanak News Odisha airs 4PM headlines b... Punjab Police Arrests 72,000 in 'Gangs... BJP Punjab’s ‘Nasha Mukt Punjab Yatras...
21 Sep 2026
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
आईजीआरएस व मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शिकायतों में लापरवाही पर डीएम का बड़ा एक्शन
Jobs & Career

आईजीआरएस व मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शिकायतों में लापरवाही पर डीएम का बड़ा एक्शन

✍️ Reporter: Pankaj Gupta 🗓 07 Aug 2026, 08:40 AM 👁 73
Share: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर प्रशासन सख्त, 24 अधिकारियों का वेतन रोका, 4 एसडीएम से मांगा जवाब

उरई (जालौन)। जनशिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित आईजीआरएस पोर्टल, जनसुनवाई पोर्टल एवं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 की समीक्षा बैठक में शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पाए जाने पर जिलाधिकारी ने 24 अधिकारियों के अगस्त 2026 माह के वेतन आहरण पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी, जबकि 04 उप जिलाधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया है। बैठक में जुलाई 2026 में प्राप्त शिकायतों की विभागवार समीक्षा की गई। जांच के दौरान पाया गया कि कुल 28 अधिकारियों द्वारा शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निस्तारण में अपेक्षित गंभीरता नहीं बरती गई। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जनशिकायतों का प्रभावी और समयबद्ध निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है तथा इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने चारों उप जिलाधिकारियों से स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए, जबकि विभिन्न विभागों के 24 अधिकारियों के अगस्त माह के वेतन पर अग्रिम आदेश तक रोक लगाने के आदेश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने और शिकायत निस्तारण व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से की गई है।

बैठक में जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि आईजीआरएस, जनसुनवाई पोर्टल एवं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 पर प्राप्त प्रत्येक शिकायत का व्यक्तिगत स्तर पर अनुश्रवण करें। शिकायतकर्ताओं को वास्तविक एवं संतोषजनक समाधान उपलब्ध कराते हुए निर्धारित समयसीमा का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शी, जवाबदेह एवं जनोन्मुखी प्रशासन स्थापित करना प्रत्येक अधिकारी की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
📲Get App