📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ting Chen
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एमएमआर के 604 ऑटो‑रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों को एक महीने में मराठी सीखने का नोटिस
✍️ Mid-Day
🗓 21 अग. 2026, 07:34 AM
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महाराष्ट्र ट्रांसपोर्ट प्राधिकरण ने मुंबई महानगरीय क्षेत्र के 604 ऑटो‑रिक्शा और टैक्सी चालकों को 30 दिनों में मराठी भाषा सीखने का आदेश दिया है।
महाराष्ट्र ट्रांसपोर्ट विभाग ने मुंबई महानगरीय क्षेत्र (एमएमआर) में काम करने वाले 604 ऑटो‑रिक्शा और टैक्सी चालकों को आधिकारिक नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में प्रत्येक चालक को एक महीने के भीतर मराठी भाषा की बुनियादी दक्षता हासिल करनी अनिवार्य की गई है।
निर्देश के अनुसार, ड्राइवरों को विभाग द्वारा मान्य भाषा कक्षाओं में भाग लेना होगा या छोटे मूल्यांकन के माध्यम से समान स्तर का प्रमाण देना होगा। अनुपालन न करने पर वाहन परमिट को निलंबित करने सहित दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
यह कदम यात्रियों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं, के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से उठाया गया है, क्योंकि वे अक्सर मराठी में संवाद करना पसंद करती हैं। अधिकारियों ने कहा कि यह नीति महाराष्ट्र की राजधानी में सार्वजनिक सेवाओं में क्षेत्रीय भाषा को बढ़ावा देने के व्यापक प्रयासों के अनुरूप है।
वर्तमान में कितने चालक ने इस शर्त को पूरा किया है, इसकी जानकारी नहीं दी गई है, पर विभाग ने बताया कि समय सीमा समाप्त होते ही निगरानी शुरू की जाएगी।
ड्राइवर संघों ने कम समय सीमा को लेकर चिंता जताई है, जबकि विभाग ने कहा कि यह सेवा गुणवत्ता सुधार के लिए आवश्यक है।
निर्देश के अनुसार, ड्राइवरों को विभाग द्वारा मान्य भाषा कक्षाओं में भाग लेना होगा या छोटे मूल्यांकन के माध्यम से समान स्तर का प्रमाण देना होगा। अनुपालन न करने पर वाहन परमिट को निलंबित करने सहित दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
यह कदम यात्रियों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं, के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से उठाया गया है, क्योंकि वे अक्सर मराठी में संवाद करना पसंद करती हैं। अधिकारियों ने कहा कि यह नीति महाराष्ट्र की राजधानी में सार्वजनिक सेवाओं में क्षेत्रीय भाषा को बढ़ावा देने के व्यापक प्रयासों के अनुरूप है।
वर्तमान में कितने चालक ने इस शर्त को पूरा किया है, इसकी जानकारी नहीं दी गई है, पर विभाग ने बताया कि समय सीमा समाप्त होते ही निगरानी शुरू की जाएगी।
ड्राइवर संघों ने कम समय सीमा को लेकर चिंता जताई है, जबकि विभाग ने कहा कि यह सेवा गुणवत्ता सुधार के लिए आवश्यक है।