🔥 ट्रेंडिंग प्रियदर्शन ने बताया हैवान के बॉक्स ऑफि... CBFC ने ड्रिश्यम द कॉनक्लूज़न को बिना... રાજુલા સિવિલ હોસ્પિટલના અધિક્ષક શિલ્પા... बोल्ली ऑर्बिट ने पाँच वर्ष पूरे किये,... पटना: रामकृष्ण नगर में मोबाइल दुकान सं... दशक के बाद ट्रिपुरा के जनजातीय क्षेत्र...
28 सित. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
पश्चिमी राजस्थान में 60,000 मेगावॉट अक्षय ऊर्जा विस्तार
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / NASA
बिज़नेस

पश्चिमी राजस्थान में 60,000 मेगावॉट अक्षय ऊर्जा विस्तार

✍️ Amar Ujala · Rajasthan 🗓 28 सित. 2026, 07:01 PM 👁 15
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

राजस्थान सरकार ने जैसलमेर‑बाड़मेर में लगभग 60,000 मेगावॉट सौर‑पवन क्षमता के साथ भंडारण जोड़ने की योजना बनाई है, जिससे निवेश बढ़ेगा और रोजगार सृजन होगा।

राजस्थान सरकार ने पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर और बाड़मेर जिलों में लगभग 60,000 मेगावॉट की अक्षय ऊर्जा क्षमता विकसित करने की योजना घोषित की है। इस योजना में बड़े पैमाने पर सौर और पवन ऊर्जा संयंत्रों के साथ बैटरी भंडारण इकाइयों को जोड़ा जाएगा, जिससे एकीकृत पावर कॉरिडोर तैयार होगा।

परियोजना के तहत सौर पार्क, पवन टरबाइन और ग्रिड‑स्तर के स्टोरेज यूनिट स्थापित किए जाएंगे, साथ ही ट्रांसमिशन लाइनों और भूमि‑तैयारी जैसी सहायक बुनियादी सुविधाओं को भी विकसित किया जाएगा। यह पहल क्षेत्र की ऊर्जा संरचना को विविध बनाने और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।

राज्य के अधिकारियों का मानना है कि इस विस्तार से निजी निवेश में बड़ी वृद्धि होगी, क्योंकि इस क्षेत्र में उच्च सौर विकिरण और पवन क्षमता उपलब्ध है। निर्माण और संचालन चरणों में हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है, जिससे स्थानीय रोजगार में इजाफा और उपकरण निर्माण व लॉजिस्टिक्स जैसे सहायक उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।

भारत के राष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य के साथ तालमेल बिठाते हुए, पश्चिमी राजस्थान का यह प्रोजेक्ट 2030 तक 500 गिगावॉट स्वच्छ ऊर्जा हासिल करने के लक्ष्य में योगदान देगा और निकटवर्ती समुदायों की ऊर्जा सुरक्षा को भी सुदृढ़ करेगा।
📲Get App