📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Arjunaraoc
शिक्षा
आंध्र में 6 साल के छात्र की शिक्षक की थप्पड़ से मौत, वीडियो ने मचाई हलचल
✍️ livemint.com
🗓 22 अग. 2026, 03:48 PM
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आंध्र प्रदेश के एक स्कूल में शिक्षक द्वारा थप्पड़ खाने के बाद 6 साल के बच्चे की मौत हो गई, घटना का वीडियो ऑनलाइन वायरल हुआ, जनता में गुस्सा उठा और राज्य के एक मंत्री ने कड़ी कार्रवाई का वादा किया।
आंध्र प्रदेश के एक स्कूल में शिक्षक द्वारा 6 साल के बच्चे को थप्पड़ मारते हुए एक वीडियो सामने आया। उस बच्चे को बाद में चोटों के कारण मौत हो गई, जिससे सोशल मीडिया पर व्यापक निंदा हुई।
यह क्लिप लोकप्रिय प्लेटफ़ॉर्म पर पोस्ट होने के बाद हजारों बार देखा गया और स्कूलों में अनुशासनात्मक उपायों पर बहस छिड़ गई। माता‑पिता, शिक्षकों और बाल अधिकार समूहों ने जवाबदेही और मौजूदा नियमों की समीक्षा की मांग की।
राज्य शिक्षा मंत्री के. वी. रेड्डी ने एक प्रेस ब्रीफ़िंग में कहा कि इस मामले में पुलिस रिपोर्ट दर्ज की जाएगी और शिक्षक को कड़ी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने राज्य के सरकारी स्कूलों में अनुशासनात्मक प्रक्रियाओं का त्वरित ऑडिट भी शुरू करने का वादा किया।
स्कूल प्रशासन ने जांच तक शिक्षक को निलंबित कर दिया है और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सहयोग करने का आश्वासन दिया है। इस घटना ने बाल संरक्षण कानूनों को सुदृढ़ करने और गैर‑हिंसक कक्षा प्रबंधन पर अनिवार्य शिक्षक प्रशिक्षण की मांग को फिर से उजागर किया है।
अधिकारियों ने जनता से अप्रमाणित फुटेज साझा करने से बचने और जांच के दौरान उचित प्रक्रिया का पालन करने का आग्रह किया है, यह स्पष्ट करते हुए कि बच्चे की मौत के सटीक कारण की पुष्टि आगे की जांच से होगी।
यह क्लिप लोकप्रिय प्लेटफ़ॉर्म पर पोस्ट होने के बाद हजारों बार देखा गया और स्कूलों में अनुशासनात्मक उपायों पर बहस छिड़ गई। माता‑पिता, शिक्षकों और बाल अधिकार समूहों ने जवाबदेही और मौजूदा नियमों की समीक्षा की मांग की।
राज्य शिक्षा मंत्री के. वी. रेड्डी ने एक प्रेस ब्रीफ़िंग में कहा कि इस मामले में पुलिस रिपोर्ट दर्ज की जाएगी और शिक्षक को कड़ी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने राज्य के सरकारी स्कूलों में अनुशासनात्मक प्रक्रियाओं का त्वरित ऑडिट भी शुरू करने का वादा किया।
स्कूल प्रशासन ने जांच तक शिक्षक को निलंबित कर दिया है और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सहयोग करने का आश्वासन दिया है। इस घटना ने बाल संरक्षण कानूनों को सुदृढ़ करने और गैर‑हिंसक कक्षा प्रबंधन पर अनिवार्य शिक्षक प्रशिक्षण की मांग को फिर से उजागर किया है।
अधिकारियों ने जनता से अप्रमाणित फुटेज साझा करने से बचने और जांच के दौरान उचित प्रक्रिया का पालन करने का आग्रह किया है, यह स्पष्ट करते हुए कि बच्चे की मौत के सटीक कारण की पुष्टि आगे की जांच से होगी।