📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Original: Sachinghai09
Derivative work: Radomian
मौसम
57 लोगों की मौत, 1,020+ घरों को भारी बारिश से नुकसान
✍️ News18
🗓 29 सित. 2026, 03:03 AM
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उत्तरी प्रदेश में भारी बारिश से 57 लोगों की मौत और 1,020 से अधिक घरों को नुकसान हुआ, अधिकारियों ने बताया।
भारी बारिश के कारण गुरुवार से उत्तरी प्रदेश के कई जिलों में विनाश की स्थिति पैदा हो गई है। राज्य सरकार ने बताया कि 57 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 1,020 से अधिक घरों को संरचनात्मक क्षति और पूर्ण ढहने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा है।
सबसे प्रभावित क्षेत्र बस्ती, अज़मगढ़ और गोरखपुर के जिलों में हैं, जहाँ अचानक आई वर्षा ने तेज़ बाढ़ और ढलान पर गिरने वाली मिट्टी के कारण कई घरों को ध्वस्त कर दिया। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और स्थानीय पुलिस की खोज और बचाव टीमें गुमशुदा लोगों की तलाश में चौबीसों घंटे काम कर रही हैं।
उत्तरी प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने शेष जिलों के लिए लाल चेतावनी जारी की है और निवासियों को घर के अंदर रहने और निम्न-स्तरीय क्षेत्रों से दूर रहने का निर्देश दिया है। सरकार ने आपातकालीन शरणस्थलों की व्यवस्था की है और रेड क्रॉस के साथ मिलकर चिकित्सा सहायता के लिए समन्वय किया है।
जहाँ दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को गर्मी की लहर से थोड़ी राहत मिली है, वहीं उत्तरी प्रदेश की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। अधिकारियों ने अतिरिक्त संसाधनों के लिए अनुरोध किया है और केंद्रीय सरकार से राहत उपायों को तेज़ी से लागू करने का आग्रह किया है।
सबसे प्रभावित क्षेत्र बस्ती, अज़मगढ़ और गोरखपुर के जिलों में हैं, जहाँ अचानक आई वर्षा ने तेज़ बाढ़ और ढलान पर गिरने वाली मिट्टी के कारण कई घरों को ध्वस्त कर दिया। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और स्थानीय पुलिस की खोज और बचाव टीमें गुमशुदा लोगों की तलाश में चौबीसों घंटे काम कर रही हैं।
उत्तरी प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने शेष जिलों के लिए लाल चेतावनी जारी की है और निवासियों को घर के अंदर रहने और निम्न-स्तरीय क्षेत्रों से दूर रहने का निर्देश दिया है। सरकार ने आपातकालीन शरणस्थलों की व्यवस्था की है और रेड क्रॉस के साथ मिलकर चिकित्सा सहायता के लिए समन्वय किया है।
जहाँ दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को गर्मी की लहर से थोड़ी राहत मिली है, वहीं उत्तरी प्रदेश की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। अधिकारियों ने अतिरिक्त संसाधनों के लिए अनुरोध किया है और केंद्रीय सरकार से राहत उपायों को तेज़ी से लागू करने का आग्रह किया है।