📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / A. J. T. Johnsingh, WWF-India and NCF
स्थानीय
4,700 परिवार अभी भी आंध्र प्रदेश के नागराजुना‑सरीसैलम टाइगर रिज़र्व में रह रहे हैं
✍️ The New Indian Express
🗓 15 जुल. 2026, 12:18 PM
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आंध्र प्रदेश के नागराजुना‑सरीसैलम टाइगर रिज़र्व में 4,700 परिवार अभी भी रह रहे हैं, जिससे वन्यजीव संरक्षण और मानव निवास के बीच चुनौतियाँ बढ़ रही हैं।
नागराजुना‑सरीसैलम टाइगर रिज़र्व, आंध्र प्रदेश का एक संरक्षित क्षेत्र, इसके भीतर लगभग 4,700 परिवारों का निवास स्थान है, जो वर्षों से इस क्षेत्र में रह रहे हैं। इस तरह के बड़े मानव जनसंख्या का टाइगर रिज़र्व में होना संरक्षणवादियों और सरकारी अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।
यह रिज़र्व क्षेत्र में बाघों और अन्य वन्यजीवों के लिए प्रमुख आवासों में से एक है। मानव आवास और वन्यजीवों के सह-अस्तित्व से क्षेत्र के पारिस्थितिक संतुलन और निवासियों व जानवरों की सुरक्षा दोनों पर महत्वपूर्ण चुनौतियाँ उत्पन्न होती हैं।
अधिकारियों ने इस स्थिति के पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में चिंता व्यक्त की है। संभावित पुनर्वास योजनाओं और वन्यजीव संरक्षण कानूनों के सख्त प्रवर्तन पर चर्चा चल रही है।
यह रिज़र्व क्षेत्र में बाघों और अन्य वन्यजीवों के लिए प्रमुख आवासों में से एक है। मानव आवास और वन्यजीवों के सह-अस्तित्व से क्षेत्र के पारिस्थितिक संतुलन और निवासियों व जानवरों की सुरक्षा दोनों पर महत्वपूर्ण चुनौतियाँ उत्पन्न होती हैं।
अधिकारियों ने इस स्थिति के पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में चिंता व्यक्त की है। संभावित पुनर्वास योजनाओं और वन्यजीव संरक्षण कानूनों के सख्त प्रवर्तन पर चर्चा चल रही है।