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4 सितंबर को मनाई जाएगी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, ‘नंद के घर आनंद भयो’ से गूंजेंगे मंदिर
धर्म

4 सितंबर को मनाई जाएगी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, ‘नंद के घर आनंद भयो’ से गूंजेंगे मंदिर

✍️ रिपोर्टर: Pankaj Gupta 🗓 01 सित. 2026, 12:50 PM 👁 105
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आधी रात गूंजेंगे ‘नंद के घर आनंद भयो’ के जयकारे, भक्त करेंगे लड्डू गोपाल के दर्शन और पूजा-अर्चना

उरई। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पावन पर्व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी इस वर्ष 4 सितंबर को श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर भगवान श्रीकृष्ण की विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजन किए जाएंगे। जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की विशेष झांकियां सजाई जाएंगी। आधी रात भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय मंदिरों में घंटे-घड़ियाल और शंखनाद के बीच ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारे गूंजेंगे। श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करेंगे।
भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं, उनका प्रेम, करुणा, त्याग और धर्म की स्थापना का संदेश इस पर्व को विशेष बनाता है। जन्माष्टमी केवल धार्मिक आस्था का पर्व ही नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, सद्भाव, भाईचारे और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला अवसर भी है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने अधर्म का नाश कर धर्म की स्थापना का संदेश दिया। उनके जीवन और गीता के उपदेश आज भी मानव समाज को कर्म, सत्य और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। जन्माष्टमी के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं से भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा समाज में प्रेम, शांति और सौहार्द का वातावरण बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया गया है।
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